पतझड़ का दौर चल रहा है। जंगल की धरती सूखी पत्तियों से पट गई है। बारिश के दिनों में यही पत्तियां सड़कर खाद का काम करेंगी लेकिन आग लग जाए तो यह जंगलों के विनाश का करण बन सकती हैं। गर्मी केमौसम में जंगलों को आग से बचाने को लेकर वन विभाग ने जंगल से सटे गांवों में ग्रामीणों को जागरूक किया। कहा कि वे जंगल के आस-पास आग न जलाएं। जंगल को आग से बचाने के तरीके भी विस्तार से बताए गए।
डीएफओ साउथ नीरज कुमार ने बताया कि गर्मियों के मौसम में जंगलों में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि इसकी रोकथाम के लिए पहले से ही पूरे इंतजाम पूरे कर लिए गए है। बावजूद इसके वन विभाग ग्रामीणों में जागरूकता अभियान चला रहा है। इसी के तहत साउथ खीरी डिवीजन के गोला, मैलानी, भीरा, मोहम्मदी आदि रेंजों में जंगल से सटे गांव महुरेना, हरदुआ, खंजनपुर, जटपुरा, भरिगवां, नौगवां, सलेमपुर, गुलाबटांडा, महेशापुर, पड़री, सुंदरपुर, देवीपुर, सिकंदरपुर, कमलानगर, वसलीपुर, पुनर्भू आदि में ग्रामीणों को जंगल में आग के मद्देनजर जागरूक किया गया।
वनकर्मियों ने ग्रामीणों को बताया कि जंगल के पास बीड़ी, सिगरेट और जलती माचिस न फेंके। घास और खेतों में आग न जलाएं, क्योंकि ऐसा होने पर जंगल के अंदर सूखी पड़ी पत्तियां आग पकड़ सकती हैं और आग लग सकती है। आग लगने से कीमती जंगलों के साथ वन्यजीवों को भारी नुकसान हो सकता है।