- एसएसबी और वन विभाग की टीमें इंडो-नेपाल बार्डर पर 24 घंटे करेंगी निगरानी
- जंगल के अंदर और बाहरी किनारों की चौबीस होगी गहन पेट्रोलिंग
- नेशनल हाइवे और फारेस्ट बैरियरों पर वाहनों की सघन चेकिंग के निर्देश
शातिर चंदन तस्कर मुत्तू के पकड़े जाने के बाद दुधवा टाइगर रिजर्व में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। फील्ड डाइरेक्टर सुनील चौधरी ने इंडो-नेपाल बार्डर सहित संरक्षित वन क्षेत्रों में सघन पेट्रोलिंग और 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए हैं। इसके लिए के वार्डन के नेतृत्व में टीमें गठित की गई हैं। वन विभाग ने इस मोस्टवांटेड टाइगर पोचर, वन्यजीव और चंदन तस्कर मुत्तू के तीन और साथियों के जिले में मौजूद होने की आशंका जताई है।
महाराष्ट्र पुलिस और एसटीएफ ने खीरी के वनाधिकारियों को मुत्तू के तीन अन्य साथियों के खीरी जिले में मौजूद होने की सूचना दी है। इसके मद्देनजर दुधवा टाइगर रिजर्व और जिले के संरक्षित वनों की सुरक्षा को हाई अलर्ट जारी किया गया है। वन और वन्यजीवों की सुरक्षा में एसएसबी और इंटेलीजेंस टीमों का भी सहयोग लिया जा रहा है। साथ ही नेशनल हाइवे और जिले की सड़कों पर स्थित फारेस्ट बैरियरों पर वाहनों की सघन तलाशी की जाएगी।
मालूम हो कि पिछले दिनों जिले में सरकारी कार्यालयों और भवनों में लगे कई चंदन पेड़ों का रातोरात कटान कर लकड़ी गायब होने से वन विभाग सकते में था। इस बीच महाराष्ट्र पुलिस, लखनऊ एसटीएफ और स्थानीय पुलिस के सहयोग से मोस्ट वांटेड मत्तू को इस जिले से गिरफ्तार कर लिया। मुत्तू मध्य प्रदेश महाराष्ट्र और दिल्ली का मोस्टवांटेड अपराधी है। मूल रूप से मध्य प्रदेश का निवासी मुत्तू के खिलाफ टाइगर का शिकार, चंदन की तस्करी के 14 और वन अधिनियम के 14 मामले दर्ज हैं। जिनमें वह वांछित चल रहा था। पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूूछताछ कर रही है। उधर उसके तीन साथी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इनके खीरी जिले में होने की संभावना जताई जा रही है। क्राइम ब्रांच की इस सूचना के बाद दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डाइरेक्टर सुनील चौधरी ने रेड अलर्ट जारी करते हुए पर्याप्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी सुनील चौधरी ने बताया कि टाइगर रिजर्व के जंगल और दुर्लभ वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए हाई अर्लट जारी किया गया है। दुधवा, बेलरायां और किशनपुर सेंक्च्युरी वार्डन महेन्द्र श्रीवास्तव, एनके उपाध्याय और कल्पनाथ गौतम के नेतृत्व में गठित वन कर्मियों की टीमें चौबीस घंटे जंगलों के अंदर और बाहरी किनारों पर पेट्रोलिंग कर रहीं है। इसके अलावा एसएसबी, डीएफओ नार्थ और साउथ खीरी से भी इस कार्य में सहयोग लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस अभियान में वन महकमे से जुडे़ सभी अधिकारियों और वन कर्मियों से तालमेल बनाकर तस्करों को पकड़ने की रणनीत बनाई गई है। इसके अलावा एसएसबी से भी सहयोग लिया जा रहा है।
मैलानी और भीरा रेंजों में भी रेड अर्लट जारी
बांकेगंज। वन्यजीव अंगों के अलावा चंदन की लकड़ी तस्करी मामले में मत्तू नामक मोस्ट वांटेड तस्कर की गिरफ्तारी के बाद डीएफओ साउथ अखिलेश पांडे ने दुधवा टाइगर रिजर्व से सटे मैलानी और भीरा सहित जिले की अन्य रेंजों में भी रेड अलर्ट जारी किया है। डीएफओ ने एसडीओ गोला आरएन मिश्र के निर्देशन में मैलानी और भीरा रेंजर डीएस यादव, राकेश बाबू और वन कर्मियों की टीमें गठित कर डिवीजन के संरक्षित वन क्षेत्रों से सटे दुधवा टाइगर रिजर्व के बार्डरों पर सघन पेट्रोलिंग के निर्देश दिए है।
डीएफओ साउथ ने बताया कि मोस्ट वांटेड मध्य प्रदेश निवासी मत्तू नामक तस्कर की गिरफ्तारी के बाद साउथ खीरी डिवीजन की रेंजों में जारी किए गए रेड अलर्ट में गठित टीमें वन क्षेत्रों की चौबीस घंटे बारी-बारी से निगरानी करेंगी। कहा कि वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए पेट्रोलिंग के लिए वन विभाग की गठित रैपिड एक्शन टीमों में शामिल वनकर्मी वनों की पेट्रोलिंग कर रही हैं। उन्होंने बताया इसके अलावा रेंजों के वन बैरियरों पर तैनात वन कर्मियों को शंका होने पर वाहनों की तलाशी के भी निर्देश दिए गए है। इसके अलावा स्थानीय वन माफियों और लकड़कट्टों को चिह्नित करने को कहा गया है।