कोतवाली क्षेत्र के गांव मूड़ा सवारान से वध के लिए ले जाए जा रहे सैकड़ों पशुओं की सूचना के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि ग्रामीणों द्वारा पकड़कर सौंपे गए 11 पशुओं को ही बरामद दिखाकर उन्हें पशु पालकों की वितरित कर दिया।
गोवंश विकास प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक विजय शुक्ला रिंकू ने एसपी से शिकायत करते हुए गोला पुलिस पर सांठगांठ का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने पशु तस्करी के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।
रिंकू शुक्ला के अनुसार मूड़ा सवारान की शनिवार को लगने वाली साप्ताहिक बाजार से पशु तस्करों ने सैकड़ों पशुओं को खरीदकर एक बाग में बांध दिया था। ऐसे ही 11 पशुओं के झुंड को ले जा रहे तस्करों को भदेड़ गांव के ग्रामीणों ने रोक लिया। तस्करों से ग्रामीणों की नोकझोंक भी हुई। घिरते देख तस्कर भाग निकले। ग्रामीणों ने मामले की जानकारी पुलिस सहित कई संगठनों को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने 11 प्रतिबंधित पशुओं को बरामद दिखाकर पशु पालकों में वितरित कर दिया। उधर, गोवंश विकास प्रकोष्ठ ने पुलिस पर सांठगांठ कर सैकड़ों पशुओं को पशु तस्करों के हवाले कर उन्हें भगा देने का आरोप लगाते हुए एसपी से शिकायत की है। उन्होंने मूड़ा चौकी के एक सिपाही को इसके लिए दोषी ठहराया है।
प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली-गोला एके उपाध्याय ने बताया कि मूड़ा सवारान के एक बाग में सैकड़ों पशुओं के वध के लिए बंधे होने की सूचना मिली थी, जिस पर चौकी पुलिस को भेजा गया था, लेकिन 11 पशु ही बरामद हुए हैं। इसके अलावा वहां कोई पशु नहीं था।