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हादसों से कराह उठा जिला, चार की जान गई

Tue, 17 Nov 2015 11:31 PM IST
लखीमपुर खीरी
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लखनऊ से प्रकाशित एक दैनिक अखबार के पत्रकार ज्ञानेंद्र सिंह बु़लेट मोबाइक से गोला गए थे। लौटते समय ग्राम करनपुर के पास एक अन्य बाइक से उनकी बुलेट भिड़ गई, जिससे ज्ञानेंद्र सिंह और बाइक सवार पुष्पेंद्र सिंह की मौत हो गई, जबकि रूपेंद्र सिंह घायल हो गए। उधर, दूसरी घटना में मंगलवार की दोपहर पलिया-संपूर्णानगर मार्ग पर गोल्डन फ्लावर स्कूल के पास एक बेकाबू बोलेरो ने वहां बैठे तीन नेपालियों को रौंद दिया। इसमें दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बुरी तरह जख्मी हो गया।
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बुलेट-पल्सर की भिड़ंत में पत्रकार समेत दो की मौत
लखीमपुर खीरी। लखनऊ से प्रकाशित एक अखबार के पत्रकार 33 वर्षीय ज्ञानेंद्र सिंह सोमवार की देरशाम को अपनी बुलेट से लखीमपुर लौट रहे थे। रास्ते में करनपुर गांव के पास एक वाहन को ओवरटेक करते समय लखीमपुर की ओर से आ रही एक मोबाइक से उनकी बुलेट की भिड़ंत हो गई। दुर्घटना के बाद काफी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए, जहां बुलेट सवार पत्रकार समेत तीन लोगों को गंभीर रूप से घायल पाया। इसकी सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद तीनों घायलों को जिला अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने कुछ देर प्रयास करने के बाद पत्रकार ज्ञानेंद्र सिंह और बाइक चालक हैदराबाद थाना के गांव मझिगवां हाल पता मोहल्ला कुम्हारनटोला गोला निवासी 27 वर्षीय पुष्पेंद्र सिंह को मृत घोषित कर दिया। जबकि मृतक पुष्पेंद्र सिंह के भाई रूपेंद्र सिंह की हालत गंभीर होने के चलते डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। अपनों की मौत की खबर मिलते ही दोनों मृतकों के घरों में कोहराम मच गया। परिवार वालों की मांग पर पत्रकार ज्ञानेंद्र सिंह के शव का देररात पोस्टमार्टम कराया गया। हादसे की जानकारी लगते ही रात में मीडिया के लोग परिवार को ढाढ़स बंधाने अस्पताल और उनके घर पहुंचे। मंगलवार की सुबह छाउछ गांव स्थित श्मशान घाट पर पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया। असमय दुर्घटना का शिकार हुए पत्रकार ज्ञानेंद्र सिंह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। दिल्ली से एमजे करने के बाद वर्ष 2009 से पत्रकारिता क्षेत्र से जुड़े थे। अंतिम संस्कार में सदर विधायक उत्कर्ष वर्मा, सपा जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल, पूर्व सपा जिलाध्यक्ष शशांक यादव, सीओ सिटी एमपी सिंह, डीएसओ डॉ राकेश तिवारी, बीएसए ओपी राय के अलावा काफी संख्या में गणमान्य व्यक्ति और पत्रकार शामिल हुए।
बेकाबू बोलेरो ने तीन नेपालियों को रौंदा, दो की मौत
पलियाकलां। मंगलवार की दोपहर पलिया-संपूर्णानगर मार्ग पर गोल्डन फ्लावर स्कूल के पास एक बेकाबू बोलेरो ने वहां बैठे तीन नेपालियों को रौंद दिया, जिसमें दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बुरी तरह जख्मी हो गया। ये तीनों दिल्ली में काम करने के लिए जा रहे थे, लेकिन बस छूट जाने से वापस अपने घर को जाने के लिए यहां बैठ कर संपूर्णानगर जाने वाली बस का इंतजार कर रहे थे। हादसे के बाद बोलेरो चालक और उस पर सवार लोग भाग निकले।
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संपूर्णानगर रोड से इधर आ रही ही बोलेरो गोल्डन फ्लावर स्कूल से कुछ पहले बेकाबू हो गई और किनारे बैठे तीन लोगों को रौंद कर खाई में जा घुसी। इसमें संपूर्णानगर बार्डर से सटे नेपाली गांव दीनापुर निवासी 35 वर्षीय माधो और चोलू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका साथी गोपीनाथ पुत्र टोप बहादुर बुरी तरह से जख्मी हो गए। हादसे के बाद बोलेरो चालक और उसमें सवार लोग वाहन को वहीं छोड़ कर भाग निकले। हादसे के दौरान अफरा तफरी मच गई और सूचना पर चौकी इंचार्ज योगेंद्र प्रसाद मय फोर्स पहुंचे और घायलों और मृतकों केे सीएचसी भेजवाया। एसडीएम पीके सिंह, तहसीलदार राजू कुमार, एसएसआई केएन सिंह, एसआई दिनेश यादव मौके पर पहुंचे। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी हैै। वाहन में आठ गैस सिलेंडर भी मिले हैं।
मृतकों के घरवालों को देरशाम तक नहीं मिल पाई सूचना
मृतक और उनके घरवालों को देरशाम तक सूचना नहीं मिल पाई। हालांकि पुलिस सूचना देने का प्रयास कर रही है। एसडीएम पीके सिंह ने सीएचसी जाकर घायल का हाल जाना।
हादसे में तीन जख्मी, एक गंभीर
मझगईं। कोतवाली धौरहरा निवासी शिवकुमार और संदीप पुरी मंगलवार को बाइक से पलिया जा रहे थे। पलिया-निघासन स्टेट हाइवे पर पुलिस चौकी से कुछ दूर लोकनपुरवा गन्ना क्रय केंद्र के पास मलंगा गांव निवासी शत्रोहन की सात वर्षीय पुत्री छोटी अचानक बाइक के सामने आ गई,  जिसे बचाने के चक्कर में बाइक पलट गई। बच्ची समेत दोनों बाइक सवार जख्मी हो गए। सिपाही सरवन और जेडी सिंह ने तीनों को एक प्राइवेट वाहन से पलिया सीएचसी पहुंचाया।
बहन की डोली उठने से पहले उठी भाई की अर्थी
गोला गोकर्णनाथ। कोतवाली क्षेत्र के करनपुर गांव के पास सोमवार की रात दो बाइकों की भिड़ंत में मारे गए पुष्पेंद्र सिंह अपनी बहन की शादी के कार्ड बांटने निकले थे। बहन की डोली उठने से पहले ही भाई की अर्थी उठने से खुशियों भरे आंगन में मातम छा गया।
हैदराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम मझिगवां निवासी विजय पाल सिंह के पुत्र 27 वर्षीय पुष्पेंद्र सिंह अपने बड़े भाई रूपेंद्र सिंह के साथ बहन रचना सिंह की शादी के कार्ड बांटने के लिए रिश्तेदारी में गए थे। सोमवार की रात करीब नौ बजे घर वापस आते समय लखीमपुर रोड पर करनपुर में सड़क पर बाइकों की आमने सामने की टक्कर में घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। मृतक के बड़े भाई धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पुष्पेंद्र फौज में थे, जो इलाहाबाद में तैनात था। 22 नवंबर को बहन रचना सिंह की शादी पर वह घर आए थे। सोमवार को वह बाइक से भाई रूपेंद्र सिंह के साथ रिश्तेदारी में शादी के कार्ड बांटने गए थे। हादसे में घायल हुए रूपेंद्र सिंह का लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है, जिसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। मृतक पुष्पेंद्र के पिता विजयपाल सिंह की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
शादी की खुशियां मातम में बदलीं
मृतक पुष्पेंद्र सिंह के पिता विजयपाल सिंह किसान हैं, जो 25 वर्षों से बच्चों की पढ़ाई के लिए नगर के मिल रोड निवासी निर्मलचंद राठी के मकान में किराए पर रहते हैं। उनके छह पुत्रियों और चार पुत्रों में पुष्पेंद्र सिंह नौवें नंबर के थे। पुष्पेंद्र की मौत से पिता विजयपाल, माता निर्मला सिंह और बहन रचना सहित परिवार वालों के आंसू थम नहीं रहे हैं। रचना की शादी 22 नवंबर को होने के कारण मेहमान आने शुरू हो गए थे। घर का आंगन खुशियों से भरा था। फौजी बेटे की दुर्घटना में मौत से पूरे परिवार और रिश्तेदारों में मातम छा गया है।
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