खैरीगढ़ गांव में अपहृत हुई तीन बहनों और उनके परिवार से मिलने वालों का सिलसिला जारी है। रविवार को अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुमंत गुप्ता ने रामबली गुप्ता और लड़कियों से मुलाकात कर घटना के बारे में जानकारी की। उन्होंने घटना में सीओ और एसओ पर मिलीभगत की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की और कहा कि हिस्ट्रीशीटर से मिलीभगत के आरोप लगने के बाद भी सीओ पर कार्रवाई न होना निष्पक्षता पर सवाल खड़ा कर रहा है। उनके अलावा चेयरमैन सहित भाजपा नेताओं ने भी मुलाकात की।
डॉ सुमंत गुप्ता ने कहा कि एसओ और सीओ ने घटना को गंभीरता से नहीं लिया, जबकि एसपी ने रात में ही घटनास्थल पहुंचकर सजगता दिखाई। घटना में डीएम किंजल सिंह ने भी सीओ को दोषी मानते हुए फटकार लगाई थी। ऐसे में उनकी अगुवाई में आरोपियों को पकड़ना महज खानापूर्ति साबित होगा। सीओ पर पहले से ही अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों से मिलीभगत के आरोप लग चुके हैं, इनकी भूमिका की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। सुमंत ने रामबली और उनके रिश्तेदार राजू गुप्ता को गनर उपलब्ध कराने की मांग की गई। नेपाल बार्डर पर चल रही आपराधिक गतिविधियों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र को अपराध मुक्त बनाने के लिए परिषद गृहमंत्री से मिलेगा। इस दौरान महासचिव दिलीप गुप्ता, जिलाध्यक्ष बैजनाथ गुप्ता, उपाध्यक्ष महेश पुरी, राजेश अग्रवाल, जिला महिला अध्यक्ष कुसुमलता जायसवाल, कुसुम गुप्ता, पारुल, नीति गुप्ता, मीरा गुप्ता, रामदुलारी मौर्या, नीलम गुप्ता आदि मौजूद रहे। उधर, भाजपा नेता कुंवर राज राजेश्वर सिंह रविवार को गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मिले। इसके अलावा पलिया के चेयरमैन केबी गुप्ता, सन्नी बाथम, महेश अग्रवाल, राजू गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, संजय भी गांव पहुंचे। उन्होंने उपमा, रोहिणी और संतोषी से बातचीत की।
राजू गुप्ता को वैश्य समाज देगा सम्मान
वैश्य समाज परिवार का साथ देने वाले राजू गुप्ता का सम्मान करेगा। वैश्य समाज प्रदीप गुप्ता ने कहा कि राजू गुप्ता ने जिस तरह परिवार का साथ दिया वह काबिल-ए-तारीफ है। उसने तीनों बहनों को सकुशल बरामद करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राजू का सम्मान किया जाएगा। वहीं खैरीगढ़ में पुलिस चौकी खोले जाने की मांग भी की गई है ताकि जंगल से सटे गांवों में लोग भयमुक्त होकर जीवन यापन कर सकें।
सबकी गिरफ्तारी के बाद बहनें जाएंगी कालेज
उपमा, रोहिणी और संतोषी ने बताया कि अभी वह पढ़ाई करने के लिए कालेज नहीं जा रही हैं। उपमा ने बताया कि जब तक मामला शांत नहीं हो जाता और सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाते। तब तक वह घर पर ही रहेगी। हालांकि तीनों बहनों ने किसी प्रकार भय से इंकार किया है।
कार्रवाई की कमान सीओ को मिलने पर नाराजगी जताई
निघासन। खैरीगढ़ के तिहरे अपहरण कांड जांच-पड़ताल सीओ निघासन मोहम्मद इब्राहिम को देने का वैश्य समाज और ग्रामीणों ने विरोध किया है। लोगों का कहना है कि विवादों के घेरे में आए सीओ और एसओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी लेकिन एसओ को ही निलंबित किया गया। सीओ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उधर, पुलिस और एसटीएफ ने रविवार को सिंगाही थाने के मोहल्ला झाला समेत कई स्थानों पर दबिश दी, लेकिन कोई आरोपी हत्थे नहीं चढ़ा। अपहरण करने वाले चार बदमाश अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। एसपी अखिलेश चौरसिया ने बताया कि तीन बदमाशों के पकड़े जाने के बाद अन्य बदमाश कहीं छिप गए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। बदमाश जल्द पकड़ लिए जाएंगे।