पलिया निवासी पीडब्ल्यूडी ठेकेदार का शव भीरा-लखीमपुर मार्ग पर मलूकापुर मोड़ पर एक खंदक में पड़ा मिला। पुलिस के मुताबिक मंगलवार रात को किसी समय दुर्घटना होने से योगेश की मौत हो गई। अलसुबह शव देखे जाने के बाद मृतक की शिनाख्त होने पर परिवार वालों की सूचना दी गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गंभीर चोटें दर्शाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार उसका बायां हाथ टूट गया था, जबकि सिर और नाक में चोट आने से रक्तस्राव हुआ। इसके अलावा पेट में चोट के कारण आंतें और गुर्दे डैमेज हो गए थे। पेट का अंदरूनी अधिकतर हिस्सा दबाव के कारण सीने पर एकत्र हो गया था। मृत्यु के कारण में शार्प एंड हेमरेज लिखा गया है। मंगलवार को ही ठेकेदार पिता की शिकायत पर पलिया नगर पालिका अध्यक्ष के अधिकार सीज हुए थे, जिससे देर रात तक घर न पहुंचने पर परिवार वाले चिंतित होकर योगेश को ढूंढ रहे थे।
पलिया निवासी रमेश मिश्रा ठेकेदारी करते हैं। रमेश मिश्रा का काम उनके पुत्र योगेश मिश्रा देखते हैं। पिता रमेश और उनके साथ परिवार के लोग अहमदाबाद गए हुए थे। मंगलवार को योगेश लखीमपुर में चल रही अपनी एक साइट का काम देखने के लिए दोस्त की बाइक लेकर गए थे। योगेश ने शाम को करीब सात बजे फोन कर कहा कि वह वापस पलिया के लिए निकल रहे हैं। रात करीब दस बजे तक जब योगेश पलिया नहीं पहुंचे तो उनके नंबर पर फोन कर परिचितों ने लोकेशन लेनी चाही पर फोन बंद मिला। रात ज्यादा होने पर परिचितों ने पुलिस को सूचना दी और उसके बाद लखीमपुर मार्ग पर योगेश को ढूंढ़ने निकल पड़े।
अलसुबह करीब पांच बजे ग्रामीणों ने मलूकापुर मोड़ पर खंदक में एक बाइक और उस पर हेलमेट लगाए एक शख्स के पड़े होने की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव के पास मिले मोबाइल से कॉल कर शिनाख्त की। परिवार वालों के साथ उनके परिचित सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गए। भीरा एसओ ब्रजराज यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला दुर्घटना का है।
मृतक योगेश के पिता रमेश मिश्रा और मां अपनी बेटी की ससुराल गुजरात प्रांत के जूनागढ़ गए थे, जहां उन्हें घटना की जानकारी हुई तो वह हवाई जहाज से बुधवार की शाम सात बजे लखनऊ पहुंचे हैं। पिता रमेश मिश्रा ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि वह आधी रात तक पलिया पहुंचेंगे। फिलहाल उन्हें घटना के पीछे किसी का हाथ होने का संदेह नहीं है, फिरभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखने और परिवार व साथियों की सलाह के बाद ही मामले में कुछ कहने की स्थिति में होंगे।
मैलानी। भीरा-लखीमपुर रोड पर पड़रिया गांव के पास सड़क हादसे में जान गंवाने वाला योगेश बेहद मृदुभाषी और मिलनसार था। योगेश के पिता रमेश चंद्र यहां नगर पंचायत में ठेकेदारी करते थे। साथ ही कंधईपुर गांव में जिला पंचायत अध्यक्ष कमलपाल कौर के आवास के ठीक सामने उनका इंटरलॉकिंग ईंट बनाने का कारखाना भी था। योगेश यहां पिता की ठेकेदारी तथा कारखाने में हाथ बंटाता था।