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रिश्वत लेते धरा गया गन्ना सुपरवाइजर

Tue, 02 May 2017 11:51 PM IST
लखीमपुरखीरी
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घूस - फोटो : amar ujala
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बिनौरा के गन्ना किसान से मांगी थी घूस, लखनऊ से आई एंटीकरप्शन टीम ने की कार्रवाई 
   लखनऊ से आई एंटी करप्शन टीम ने सरजू सहकारी चीनी मिल बेलरायां में तैनात गन्ना सुपरवाइजर को किसान से रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया। सुपरवाइजर के खिलाफ निघासन थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। 
बेलरायां चीनी मिल के तहत आने वाले बिनौरा गांव के किसान उमाशंकर ने मिल से गन्ना बीज के लिए कर्ज लेने वाले किसानों को सात सौ तीन क्विंटल गन्ना बीज सप्लाई किया था। इसका तीन सौ पंद्रह रुपये क्विंटल के हिसाब से चीनी मिल से भुगतान उमाशंकर को मिलना था। इसके लिए गन्ना सुपरवाइजर को उमाशंकर द्वारा सप्लाई किए गए गन्ने के बीज की डिलीवरी स्लिप वेरीफाई करके मिल को भेजनी थी। इसके एवज में सुपरवाइजर किसान से 12 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से रिश्वत की मांग कर रहा था, जिसकी शिकायत उमाशंकर ने लखनऊ के एंटी करप्शन एडीजी वीरेंद्र कुमार से की। एडीजी ने एक टीम गठित की, जिसने मंगलवार को विशेष पाउडर लगे पांच हजार रुपये उमाशंकर को देकर सुपरवाइजर के पास भेजा। शाम करीब चार बजे निघासन में जैसे ही उमाशंकर से यह रकम लेकर सुपरवाइजर द्वारिका प्रसाद वर्मा ने अपनी जेब में रखी, टीम ने उसे दबोच लिया।      
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किसान उमाशंकर ने बताया कि उसने मिल से गन्ने के बीज के लिए कर्ज लेने वाले किसानों को 703 क्विंटल गन्ने का बीज सप्लाई किया था। इसकी तीन सौ पंद्रह रुपये प्रति क्विंटल की दर से 2,21,445 रुपए कीमत उसको मिलनी थी। इसके लिए गन्ना पर्यवेक्षक द्वारिका प्रसाद को सप्लाई स्लिप वाउचर वेरीफाई करके मिल को भेजने थे। सुपरवाइजर दो महीने से बारह रुपए प्रति क्विंटल की दर से 8,436 रुपए की रिश्वत मांग रहा था। उसने उसको काफी समझाया, लेकिन वह नहीं माना। इस पर उसने डीएम आकाशदीप से इसकी शिकायत की। डीएम ने उसे एंटी करप्शन टीम से संपर्क करने की राय दी थी।



...तो ऐसे दबोचा गया रिश्वतखोर

चीनी मिल सुपरवाइजर के भ्रष्टाचार को उजागर करने की रणनीति लखनऊ बनाई गई। एडीजी एंटी करप्शन वीरेंद्र कुमार ने वहीं पर मुख्य शिकायत कर्ता उमाशंकर सहित दो और पीड़ितों के बयान दर्ज कर एक टीम गठित की, जिसने यहां आने से पहले डीएम खीरी को सूचना दी गई। फिर डीएम के निर्देश पर दो राजस्व कर्मचारियों को टीम में शामिल किया गया और कार्रवाई की गई।
मंगलवार को टीम शारदानगर पहुंची। उसने उमाशंकर को वहां रेस्ट हाउस में बुलाया। वहीं पर पांच हजार रुपये के नोटों पर लाल स्याही वाला पाउडर लगाया गया। इसके बाद यह रुपये उमाशंकर को सौंप दिए गए। वहां से टीम बंधा होकर तारानगर के पास पहुंची। इससे पहले उमाशंकर ने सोमवार को ही सुपरवाइजर द्वारिका प्रसाद को मंगलवार को तारानगर में रकम देने की बात कह दी थी। इसी बीच गन्ना सुपरवाइजर द्वारिका प्रसाद ने उमाशंकर को फोन किया कि उसका लड़का मनोज तारानगर चौराहे पर पैसे लेने के लिए मौजूद है। टीम के निर्देश पर उमाशंकर ने उसको झांसा देते हुए कह दिया कि वह निघासन के पास है और वहीं खुद उसको रकम देने को कह दिया। इस पर सुपरवाइजर राजी हो गया।

बाइक पंचर की दुकान पर सौंपी रकम     
करीब चार बजे टीम के साथ निघासन चौराहे के पास पहुंचे उमाशंकर झंडी रोड पर स्थित उस्मान की साइकिल पंचर जोड़ने वाली दुकान पर बैठ गया। टीम के लोग वहां आसपास खड़े हो गए। उमाशंकर ने फोन पर द्वारिका प्रसाद को वहां आकर पैसे ले जाने को कहा। थोड़ी देर बाद सुपरवाइजर वहां पहुंचा और उमाशंकर ने उसको टीम से मिले पांच हजार रुपये सौंप दिए। जैसे ही उसने रुपये गिनकर जेब में रखे, आसपास छिपे टीम अफसरों ने उसको दबोच लिया। उसके हाथ धोए गए तो वह लाल हो गए। टीम उसे गिरफ्तार करके निघासन कोतवाली लाई। वहां देर शाम तक उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को लिखापढ़ी चल रही थी।
टीम में शामिल इंस्पेक्टर श्यामचंद्र त्रिपाठी ने बताया कि नीमगांव थाने के अंडूबेहड़ गांव के गन्ना सुपरवाइजर द्वारिका प्रसाद वर्मा को किसान से पांच हजार रुपए रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
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यह लोग रहे टीम में शामिल     
मिथलेश दीक्षित पुलिस उपाधीक्षक, इंस्पेक्टर अशोक बुुद्वप्रिय, अशोक कुमार सिंह निरीक्षक, श्याम चंद्र त्रिपाठी निरीक्षक, धर्मेंद्र कुमार यादव, आरक्षी, देवप्रकाश मिश्र, रावेंद्र कुमार कर्णधार, राकेश त्रिपाठी, संतोष कुमार अरविंद कुमार भ्रष्टाचार निवारण समिति लखनऊ से आए। खीरी से राजस्व कर्मी अनूप कुमार और साजिद अली शामिल रहे।      
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