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ट्रेनें निरस्त होने से यात्री परेशान

Sat, 16 Jul 2016 11:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो-गोला गोकर्णनाथ(खीरी)।
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रेल - फोटो : अमर उजाला
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तमाम प्रयास के बाद भी रोडवेज बसों के फेरों में नहीं हुई बढ़ोतरी
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डग्गामार वाहन चालक काट रहे चांदी, दुर्घटनाओं की आशंका
सावन मेले में बढ़ सकती है परिवहन की दिक्कत
ब्राडगेज निर्माण के चलते कई ट्रेनें निरस्त होने से यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। कारण है परिवहन निगम के लखीमपुर और गोला डिपो में बसों की बढ़ोत्तरी नहीं करना। हालांकि स्थानीय स्तर पर बसों के फेरे बढ़ाकर और कुछ कंडम बसों को भी चलाए जाने से व्यवस्था बनाने का प्रयास किया गया है, लेकिन इससे समस्या का समाधान नहीं हो सका है। नतीजतन घंटों इंतजार के बाद विवश होकर डग्गामार वाहनों के सहारे जान जोखिम में डाल कर सफर तय करना   पड़ रहा है।
मालूम हो ब्राडगेज निर्माण के कारण 12 ट्रेनों को संचालन बंद कर दिया गया है। जिसमे सुबह पौने पांच बजे चलने वाली सेन्च्युरी एक्सप्रेस बंद होने से लखीमपुर से लखनऊ तक जाने वाले यात्री रोडवेज के सहारे हो गए हैं। वहीं गोला से सुबह 08.40 बजे तिकुनियां-ऐशबाग पैसेन्जर बंद होने से जिला मुख्यालय जाने वाले दैनिक यात्रियों को खासी दिक्कत हुई है। इसी तरह शाम को भी ड्यूटी से छूटने वाले कर्मचारियों को दोनों ओर से बसों का ही सहारा है। ट्रेनों के निरस्त होने के कारण यात्री अधिक किराया देकर भी गंतव्य तक आसानी से नहीं पहुंच पा रहे हैं। ट्रेनें बंद होने से रेलवे स्टेशन पर अप पांच और डाउन में पांच ट्रेने लगभग पांच छह घंटे के अंतराल पर चल रही हैं। यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए रोडवेज बस अड्डे पर आते हैं वहां भी उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है। सावन माह में नगर में तीर्थयात्रियों, मेलार्थियों और दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ती है। ऐसे में परिवहन की दिक्कत बढ़ सकती है। नगर के लोगों ने सावन मेला के मद्देनजर अतिरिक्त ट्रेन और बसें चलवाने की मांग की है।
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डिपो में खड़ी रहतीं हैं दर्जनों बसेें
गोला गोकर्णनाथ। कहने के लिए रोडवेज बस अड्डे से परिवहन निगम द्वारा गोला डिपो  से 75 निगम की और 46 अनुबंधित बसें संचालित हैं। जिनमें लगभग एक दर्जन बसें  रोडवेज की कार्यशाला में खराब खड़ी रहती हैं। ट्रेनों के निरस्त होने से बढ़े यात्रियों की संख्या को देखते हुए भी रोडवेज ने अपने बेड़े में एक भी बस बढ़ाने की जरूरत नहीं समझी हैं। वहीं कार्यशाला में तैनात एक  फोरमैन दो डिपो इंचार्ज और दर्जन भर मैकेनिक खटारा बसों की मरम्मत करने में जुटे रहते है, लेकिन बसें सड़क पर नहीं दौड़ पातीं हैं। निगम के अधिकारी बसों से कम आय का रोना रो रहे हैं और संविदा परिचालक और चालक ड्यूटी न मिलने पर बसअड्डे में घंटों खाली बैठने के बाद मायूस होकर घर लौट जाते हैं। 
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डग्गामार वाहन काट रहे है चांदी
गोला गोकर्णनाथ। रेलवे के अमान परिवर्तन के चलते ट्रेनों के निरस्त होने और रोडवेज बसों का संचालन कम होने से जहां यात्री परेशान हैं वहीं डग्गामार वाहन चांदी काट रहे है। रोडवेज बस अड्डे के पास स्टेशन रोडए सिनेमा चौराहा सदर, चौराहा विकास चौराहा नानक चौकी के पास रोड के किनारे खड़े डग्गामार वाहन यात्रियों को अपने वाहनों में ठूंसकर और बाहर लटकाकर फर्राटा भरते देखा जा रहा है। गंतव्य तक पहुंचने के लिये यात्री जान जोखिम में डालकर यात्रा करने पर मजबूर हैं।
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लांगरूट की गाड़ियां नहीं पहुंचती बस अड्डे
गोला गोकर्णनाथ। परिवहन निगम की तमाम लॉंगरूट की बसें दिल्ली, अजमेर,  हरिद्वार, रुपैडिया, शिमला आदि स्थानों को जाने वाली बसें ज्यादातर बसअड्डे न जाकर सीधे सिनेमा चौराहे और सदर चौराहे से निकल जाती है, जिससे रेलवे स्टेशन और रोडवेज स्टेशन पर खड़े यात्री सवारी का इंतजार करते रह जाते हैं। इस समस्या को कई माह पूर्व राजेंद्र अग्निहोत्री और मकरंद सिंह  एडवोकेट सहित कई लोगों ने उठाया था। जिसमें हल्की कार्रवाई भी हुई फिर भी लॉंगरूट की बसें बस अड्डे पर नहीं पहुंच रही हैं।
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यात्रियों की संख्या बढ़ी है, लेकिन किसी को कोई दिक्कत न हो। इसके लिए बसों के फेरे बढ़ा दिए गए हैं। स्कूल, मार्केट और ऑफिस जाने तथा छुट्टी के समय का विशेष ध्यान रखा गया है। रात में भी गोला और लखीमपुर से बसें संचालित की जा रही हैं। कोई दिक्कत नहीं है। जल्द ही नई बसें मिलने की भी पूरी उम्मीद है।
-राकेश कुमार श्रीवास्तव, एआरएम-गोला।
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