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तीर्थयात्रियों से भरी बस पलटी, 40 यात्री जख्मी

Tue, 30 Jun 2015 10:28 PM IST
हाथरस/जंगबहादुरगंज
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सिकंदराराऊ रोड स्थित गांव रति का नगला के निकट मंगलवार की सुबह यात्रियों से भरी एक टूरिस्ट बस  खड़े ट्रक से जा टकराई। हादसे में करीब 40 यात्री घायल हो गए। मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। सरकारी एंबुलेंसों द्वारा घायलों को जिला अस्पताल लाया गया, जबकि कुछ घायलों ने अपना उपचार प्राइवेट अस्पताल में कराया है।
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लखीमपुर खीरी के पसगवां और मोहम्मदी से बुधवार को एक टूरिस्ट बस द्वारा लगभग 60 यात्री तीर्थ यात्रा पर निकले थे। वह ऋषिकेश, हरिद्वार, मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, आगरा और मेहंदीपुर बालाजी होते हुए मंगलवार की सुबह आगरा लौट रहे थे। रति का नगला के निकट खड़े एक ट्रक से बस जा टकराई। यात्रियों की मानें तो सुबह बारिश हो रही थी और रात भर जगे चालक को नींद का झोंका आया, जिससे यह हादसा हुआ। हादसे में बस में सवार लगभग 40 यात्री घायल हो गए। मौके पर चीख-पुकार मचने लगी। राहगीरों की भीड़ एकत्रित हो गई। कई यात्री तो बस के अंदर बुरी तरह फंस गए। राहगीरों ने बमुश्किल यात्रियों को बस से निकाला। सूचना पर  एंबुलेंस मौके पर पहुंची। एंबुलेंसों द्वारा इन घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जहां से कुछ घायलों को गंभीर हालत में आगरा भेजा गया। अन्य घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। कुछ घायलों ने अपना उपचार प्राइवेट अस्पताल में कराया है।
ये यात्री हुए घायल
घायल यात्रियों में शिव भगवान गुप्ता, शिवराम, शिखा गुप्ता, सोनी गुप्ता, अमन गुप्ता, आकाश गुप्ता, सविता, नन्ही देवी, आयुष्मान, बेबो, आनंद गुप्ता, दिव्या गुप्ता, शिब्बू गुप्ता, राहुल, केशव देव गुप्ता, उमा गुप्ता, आयुश गुप्ता, शिव भोले, अर्चना गुप्ता, रामवती गुप्ता, वैभव गुप्ता, राघवेंद्र गुप्ता, हरिराम गुप्ता, रवि गुप्ता, छोटू गुप्ता, दिनेश गुप्ता, रजनी, संगीता, सुनीता, रिंकल, रामकांती, आयुषी सभी निवासीगण जेबीगंज थाना पसगवां और थाना मोहम्मदी जिला लखीमपुर खीरी हैं।
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चालक की लापरवाही से जान पर बनी
हाथरस। चालक इशरत खां पुत्र नियामत तुल्ला खां निवासी मोहम्मदी जिला लखीमपुरी खीरी की लापरवाही से हुई इस घटना का अंजाम यात्रियों को भुगतना पड़ा। बताते हैं कि सुबह के समय चालक को नींद आ रही थी, फिर भी वह बस को चला रहा था। अगर वह बस को रोककर कुछ देर के लिए सो जाता तो शायद यह घटना नहीं होती।
घायलों की चीख-पुकार से गूंजा अस्पताल
जिला अस्पताल में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में घायलों के आने से चीख-पुकार मच गई। अस्पताल के चिकित्सा स्टाफ के भी हाथ-पांव फूल गए। घायलों को उपचार देने के लिए चिकित्सा स्टाफ इधर से उधर भागदौड़ करता रहा। घायलों के चेहरों पर बदहवासी और खौफ साफ दिख रहा था, लेकिन जान बचने के लिए वह ऊपर वाले का शुक्रिया अदा करते हुए नहीं थक रहे थे।
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