शहर के मोहल्ला शास्त्रीनगर में रिटायर्ड बैंक कर्मी के घर में सोमवार की सुबह करीब साढ़े तीन बजे तीन बदमाशों ने लूटपाट के इरादे से धावा बोल दिया, जिसके बाद विरोध पर बदमाशों ने हथौैड़ी से वार कर गृहस्वामी और उनकी पत्नी को घायल कर दिया। विरोध और शोरगुल होने पर बदमाश फायरिंग करते हुए भाग निकले। एसपी अरविंद सेन और सीओ सिटी एमपी सिंह ने मौैका मुआयना किया है। कोतवाली पुलिस लूटपाट की घटना से इंकार कर रही है और इसे पिता-पुत्र के बीच मारपीट और बहू के जेवर को लेकर विवाद का मामला मान रही हैै। संदेह के आधार पर पुलिस ने गृहस्वामी के बेटे सौरभ को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
शास्त्रीनगर निवासी रिटायर्ड बैंक कर्मी गिरीश कुमार सिंह ने पुलिस को तहरीर में बताया है कि सुबह करीब 3:20 बजे उनकी पत्नी स्नेहलता सिंह कमरे से बाथरूम के लिए निकलकर लाबी में आई थीं। उसी समय तीन बदमाशों ने उसके ऊपर हथौड़े से वार कर घायल कर दिया, जिसके बाद चीख पुकार सुनकर गिरीश और उनका पुत्र सौरभ कमरे से निकलकर बाहर आ गए। इस पर बदमाशों ने फायर कर दिया और दूसरे दरवाजे से भाग निकले। इस दौरान गिरीश के माथे पर चोट लग गई। गिरीश सिंह और उनकी पत्नी स्नेहलता को जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, जहां उपचार के बाद दोनों को छुट्टी दे दी गई। वादी गिरीश सिंह ने बताया है कि बदमाश बहू के जेवर ले गए, जिनकी कीमत लाखों में है।
बदमाशों के अंदर घुसने का रास्ता नहीं बता सके
इस पूरे घटनाक्रम में कई सवाल पुलिस के सामने चुनौती बने हुए हैैं। मसलन बेहद सेफ तरीके से बने मकान में बदमाश किस रास्ते से घुसे, जिसके बारे में वादी भी जानकारी नहीं दे सके। जिस रास्ते से बदमाशों के भागने की बात कही गई, उसमें ताला लगा हुआ था। ताला खोलकर बदमाशों के भाग जाने की बात पुलिस को हजम नहीं हो रही है।
बेटे के चाल-चलन से साजिश की बू
गृहस्वामी गिरीश कुमार सिंह के एकलौते पुत्र सौरभ पर पुलिस का शक गहरा गया है। कोतवाल दुर्गेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि निरीक्षण के दौरान वादी ने स्वयं अपने पुत्र पर साजिश का शक जाहिर किया था। जैसे ही पुलिस वहां से हटी तो सौरभ ने अपने पिता पर आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गृहस्वामी के पुत्र सौरभ को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।