कस्बे की प्राचीन विरासत में शुमार होलिका दहन स्थल पर कुछ लोगों के कब्जा करने से आहत एक समुदाय के लोगों ने सोमवार को एसडीएम कार्यालय को घेरा। इसके बाद अंदर जाकर नारेबाजी भी की। इससे एसडीएम कार्यालय समेत परिसर में अफरा-तफरी मच गई। एसडीएम के आदेश पर मितौली के कानूनगो राजेश शुक्ला ने पांच लोगों को नामजद करते हुए 50 लोगों के खिलाफ बलवा, सरकारी कार्य में बाधा डालने औैर धार्मिक उन्माद पैदा करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है।
मितौली कस्बे में एक धार्मिक स्थल के पास काफी प्राचीन होलिका दहन स्थल है। यहां पर कब्जे की नियत से अवैध निर्माण किया जा रहा था। इसके विरोध में शनिवार को थाने में समाधान दिवस में ग्रामीणों ने प्रार्थना पत्र देकर निर्माण रुकवाने की मांग की थी। तब तहसीलदार मितौली सुनील कुमार झा ने कानूनगो और पुलिस बल भेजकर ग्राम प्रधान की देखरेख में मौके की पैमाइश करवा दी। इस पर आरोपी ने भी सहमति दी। होलिका दहन स्थल के चारों ओर पिलर और कांटेदार तार लगाने के निर्देश ग्राम प्रधान को दिए गए। रविवार को उक्त व्यक्ति ने समझौते का उल्लंघन कर पुन: निर्माण शुरू करा दिया, जिसके बाद लोगों में रोष फैल गया। काफी संख्या में लोग एसडीएम कार्यालय पहुंच गए और नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इसके बाद लोग ऑफिस में पहुंचे और भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। इससे एसडीएम विश्राम यादव ने मौके की नजाकत को देखते हुए पुलिस बल को बुला लिया। एसओ जावेद अख्तर समेत पुलिस बल ने किसी तरह लोगों को शांत कराया।
इनके खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट
मितौैली के कानूनगो राजेश शुक्ला की तहरीर पर पुलिस ने प्रदीप शुक्ला, विनय पांडेय, सुशील दीक्षित, दिनेश शुक्ला, सुनील गुप्ता समेत 50 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी 147, 186, 427, 504, 153 (ए) धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। एसओ जावेद अख्तर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
साधारण तरीके से शिकायत करने के बजाय कुछ लोगों ने अभद्रता की है। जबकि शनिवार को ही विवाद का निस्तारण करा दिया गया था। अगर आरोपी समझौैते का उल्लंघन कर रहा था तो शिकायत करनी चाहिए थी।
-विश्राम यादव, एसडीएम