भाजपा मंडल महामंत्री और चखरा के पूर्व प्रधान समेत चार लोगों पर गांव के ही एक व्यक्ति ने एससीएसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले की जांच सीओ मोहम्मद इब्राहिम कर रहे हैं।
गांव चखरा निवासी रामासरे भार्गव का आरोप है कि भाजपा मंडल महामंत्री कन्हैया लाल वर्मा के भतीजे आशीष की मोबाइल की दुकान हैं। आरोप है कि रामासरे दुकान पर मोबाइल बनवाने के लिए आए थे। उस समय वहां आशीष का बड़ा भाई संदीप बैठा था। रामासरे आए और बना हुआ मोबाइल लेकर चले गए। रामासरे ने बताया कि शाम को मोबाइल की स्क्रीन टूटी हुई देखकर वह दोबारा दुकान पर गए। दुकान पर बैठे आशीष से स्क्रीन टूटने की बात कही इस पर विवाद होने लगा। आरोप है कि आशीष अपने साथियों के साथ मिलकर रामासरे की पिटाई कर दी। रामासरे की तहरीर पर पुलिस ने भाजपा नेता कन्हैया लाल वर्मा, आशीष, संदीप और ओमप्रकाश के खिलाफ मारपीट और एससीएसटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कराई है। उधर कन्हैयालाल वर्मा ने बताया कि जिस दिन झगड़ा हुआ था उस दिन वह लखीमपुर थे। शाम को जब आया था तब भतीजों को भी डांटा था और बाद में रामासरे के घर भी गया था। प्रधानी की चुनावी रंजिश के चलते झूठे मुकदमे में फंसाया गया है।