- इलाहाबाद बैंक मैनेजर से चार लाख की मांगी गई थी फिरौती
- सर्विलांस की मदद से हुआ खुलासा, आरोपी को पेश किया कोर्ट में
इलाहाबाद बैैंक मैनेजर के मोबाइल पर मैसेज भेजकर चार लाख की फिरौती मांगने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मैनेजर को जान और परिवार की धमकी देने वाला उनकी बैंक का ही पुराना बैंक-मित्र निकला। जिसे गबन के आरोप के चलते पूर्व में हटाया जा चुका है। पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेकर उसके पास से धमकी देने के प्रयोग में लाया गया मोबाइल एवं सिम बरामद किया है। आरोपी को शुक्रवार को बिजुआ पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी युवक पर फरधान थाना क्षेत्र में भी पहले से एक धोखाधड़ी एवं जालसाजी का मुकदमा दर्ज था।
इलाहाबाद बैंक बिजुआ के शाखा प्रबंधक देवेंद्र सिंह रावत के फोन पर दिसंबर 2016 में एक अंजान शख्स ने मैसेज भेजकर चार लाख की फिरौती मांगी थी। फिरौती न देने की हालत में बैैक मैनेजर को और उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने को कहा गया था। इस मामले में बैंक मैनेजर की तहरीर पर भीरा पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की। मामले में सर्विलांस टीम की मदद ली गई, सर्विलांस टीम ने जब छानबीन शुरू की तो कड़ियां जुड़ती चली गईं। पुलिस के मुताबिक डिमरौल गांव का अवनीश कुमार पुत्र स्व. घनश्याम बिजुआ इलाहाबाद बैंक की ओर रामालक्ष्ना गांव में बैक मित्र (बीसी) नियुक्ति किया गया था। जिसने अपना केंद्र गदियाना चौराहे पर खोल रखा था, पांच महीने में ही अवनीश पर कई ग्रामीणों ने पैसे लेकर खाते में जमा न करने का आरोप लगाया। जिसपर मौजूदा बैंक मैनेजर देवेंद्र सिंह रावत ने बीसी नियुक्ति करने वाली संस्था को पत्र लिखकर उसे हटवा दिया था, तब से ही अवनीश की नजर मैनेजर पर टेढ़ी हो गई थी। इसी खुन्नस में अवनीश ने फर्जी आईडी पर सिम खरीद कर मैनेजर को एक-एक कर तीन एसएमएस भेजे। करीब दो घंटे के भीतर भेजे गए एक भी एसएमएस का रिप्लाई न आने से उसने सिम बंद कर लिया। इधर मैनेजर ने शाम को बैंक के काम से फुरसत पाकर जब एसएमएस चेक किए तब उन्हें जानकारी हुई। मैनेजर ने भीरा थाने में क्राइम नंबर 20/17 धारा 384 एवं 506 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। बिजुआ चौकी इंचार्ज अजय शर्मा ने शुक्रवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी को मुड़िया हेमसिंह चौराहे से गिरफ्तार किया गया है एवं उसके पास से मोबाइल एवं सिम भी बरामद कर लिया गया है।
शातिर अवनीश पर पहले से दर्ज है एक मुकदमा
बिजुआ चौकी प्रभारी अजय शर्मा के मुताबिक 2012 में अवनीश पर फरधान पुलिस ने क्राइम नंबर 1050/2012 के तहत आईपीसी की धारा 419,420,467,468 एवं 471 में दर्ज किया था, लेकिन फरधान पुलिस को तब अवनीश ने अपना नाम अवधेश बताया था। इस मुकदमे में डिमरौल गांव का पवन भी आरोपी है।