थाना क्षेत्र के गांव रामपुर ग्रंट में पशुओं को खुरपका बीमारी से बचाव को लगाए जाने वाले टीके की दवाएं कूड़े के ढेर में मिले। गुरुवार की सुबह उधर से गुजरे ग्रामीणों ने कूड़े के ढेर में करीब 50 शीशियां पड़ी देखीं, तो इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। दवा की शीशियों पर सरकारी सप्लाई लिखे होने के साथ ही निर्माण की तिथि फरवरी 2015 और एक्सपायरी डेट जनवरी 2017 अंकित है, जिससे ये दवाएं प्रयोग के लिए वैध हैं। सवाल यह है कि गांव में कूड़े के ढेर तक भारी मात्रा में दवाएं कैसे पहुंची और यह किसे आवंटित हुई थीं। खास बात यह है कि कुछ शीशियां जली हुई मिली हैं, जिससे इन्हें जलाकर नष्ट करने की मंशा जाहिर हो रही है। पशुपालन विभाग द्वारा गांवों में टीकाकरण अभियान चलाया जाता है, लेकिन इन दवाओं के कूड़े के ढेर में मिलने से विभागीय दावों की कलई खुलकर सामने आ गई है। किसी अधिकारी ने अभी तक इस मामले की पड़ताल करने की जहमत नहीं उठाई है।
युवक ने जहर खाकर जान दी
लखीमपुर खीरी। नीमगांव थाना क्षेत्र के कस्बा बेहजम निवासी 30 वर्षीय सुशील गिरि ने बुधवार की रात को घर में जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया। आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।