एसटीएफ की पूछताछ में कुख्यात अपराधी अजय तिवारी के किए गए खुलासे से कारागार अधिकारियों में हड़कंप मच गया। खासकर जिला अस्पताल से सटी कारागार की दीवार को लेकर अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। रविवार को कारागार में सुरक्षा-व्यवस्था की समीक्षा की गई और जिला अस्पताल की छत से जुड़े बैरक 11, 12 और 13 की निगरानी बढ़ा दी गई है।
बता दें कि अजय तिवारी उर्फ दद्दू तिवारी जून 2014 में जिला कारागार के मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को तमंचा दिखाकर फिल्मी अंदाज में फरार हो गया था। दो दिन पहले लखनऊ में एसटीएफ के हत्थे चढ़े कुख्यात अपराधी अजय तिवारी ने खुलासा किया था कि जिला अस्पताल की छत से कारागार में उसके सहयोगियों ने तमंचा, पिस्टल और कारतूस फेंका था, जिन्हें वहीं जमीन खोदकर छुपा दिया था। सूत्रों के मुताबिक जिला अस्पताल की छत कारागार की मुख्य दीवार से सटी है। अंदरूनी हिस्से में सुरक्षा तो है लेकिन इस हिस्से में चहल-पहल कम ही रहती है। अजय तिवारी से खुलासा होने के बाद अब कारागार प्रशासन इस ओर विशेष ध्यान दे रहा है। जेलर ज्ञानप्रकाश का कहना है कि वैसे तो वायरलेस सिस्टम की वजह से सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी नजर रखी जा रही है, लेकिन जिला अस्पताल की छत से सटे हिस्से की निगरानी और बढ़ाई जा रही है।