सदर कोतवाली इलाके की महिला के साथ एक युवक ने छह माह पहले सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर दुराचार किया। इसकी शिकायत महिला ने अक्टूबर 2015 में पुलिस से की। पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी तो महिला ने कोर्ट में शरण ली। करीब छह माह बाद इस मामले में सीजेएम के आदेश पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसकी जांच सीओ सिटी एमपी सिंह करेंगे।
खीरी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने कोर्ट समक्ष दिए प्रार्थना पत्र में बताया है कि वह शहर के एक नर्सिंग होम में झाड़ू-पोछा लगाने का काम करती थी। अगस्त 2015 में नर्सिंग होम में हरैया गांव निवासी संतोष कुमार वर्मा ने उससे संपर्क किया और खुद को विकास भवन का बाबू बताते हुए उसे सरकारी नौकरी दिलाने का लालच दिया। इस मुलाकात के बाद आरोपी संतोष ने महिला के मोबाइल पर कई बार फोन कर उसे विकास भवन गेट पर बुुलाया। फिर एक दिन महिला को आरोपी अपने दोस्त के घर राजापुर ले गया और उसके साथ शारीरिक संबंध में बनाए। कुछ दिन बीत जाने के बाद आरोपी ने महिला को सरकारी नौकरी नहीं दिलाई, तो महिला ने विरोध किया। आरोप है कि 11 सितंबर को विकास भवन गेट पर बुलाकर आरोपी ने महिला को जाति सूचक गालियां देते हुए बदनाम करने की धमकी दी। इस पर महिला ने थाने में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उसने सितंबर और अक्तूबर 2015 में एसपी और डीआईजी को डाक से शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद महिला ने कोर्ट की शरण लेते हुए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सीजेएम के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी संतोष कुमार वर्मा के खिलाफ धारा 376, 504, 506 और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच सीओ सिटी एमपी सिंह को सौंपी गई है।