भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष समिति के बैनर तले वकीलों ने बृहस्पतिवार को पूर्व अधिशाषी अभियंता और मौजूदा जेई पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर बिजली दफ्तर का घेराव किया। वकीलों ने नारेबाजी कर मांग की कि लखीमपुुर डिवीजन के सीए और जेई पर आय से अधिक संपत्ति रखने का मुकदमा दर्ज किया जाए। इस संबंध में वकीलों ने नए अधिशाषी अभियंता रजनीकांत मिश्रा को ज्ञापन सौंपा और विभागीय जांच रिपोर्ट तैयार कर अधिकारियों को भेजने की भी मांग की।
संघर्ष समिति के प्रांतीय संयोजक तथा यूपी बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन अजय कुमार शुक्ला ने कहा कि बिजली विभाग के अधिकारियों के भ्रष्टाचार के चलते ही जिले में जर्जर बिजली लाइनों की चपेट में आकर दर्जनों नागरिकों की मौत हो चुकी है। वहीं विद्युत सुदृढ़ीकरण के नाम पर आई धनराशि का दुरुपयोग कर निजी संस्थाओं को लाभ पहुंचाया गया है। आरोप है कि बिजली विभाग के एक कर्मचारी द्वारा भ्रष्टाचार कर कमाई गई रकम से शहर के मोहल्ला काशीनगर में करोड़ों रुपये की कोठी बनवाई जा रही है। वहीं चेकिंग के नाम पर लोगों से अवैध वसूली की गई है। समिति के प्रांतीय महासचिव धर्मेंद्र सिंह सूर्यवंशी ने बताया कि उच्च अधिकारियों द्वारा तत्कालीन अधिशाषी अभियंता राकेश सिंह को हटाकर प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। महासचिव ने बिजली विभाग के उक्त अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच कर रिपोर्ट मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक समीम अहमद और चीफ इंजीनियर आशुतोष श्रीवास्तव को भेजने की मांग की। समिति ने चेतावनी दी कि अगर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो जनआंदोलन छेड़ा जाएगा। इस दौरान अरुण पांडे, श्याम जी द्विवेदी, मशकूर अली राजा, नत्था लाल, अरविंद तिवारी, मुजीब, अफसर अली, अंजना पांडे, संजीव पाठक, गोपाल जी कश्यप, ममता पांडे, मनीष तिवारी, आशीष वाजपेयी, सत्यप्रकाश समेत तमाम लोग थे।