पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। बहराइच से दिल्ली सवारियां लेकर जा रही एक बस को शनिवार की रात स्कार्पियो सवार कुछ लोगों ने पलिया स्थित स्टेट बैंक के पास रोक लिया। हमलावरों ने पहले चालक की जमकर पिटाई की। बाद में उसे स्कार्पियों में डालकर भाग निकले। घटना से दहशत में आया परिचालक भी मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने इस बस के आगे जा रही इसी कंपनी की अन्य बस को रुकवाकर उसके चालक से बस को गंतव्य के लिए रवाना किया गया। इस दौरान बस में बैठी सवारियां करीब घंटा से ज्यादा परेशान रहीं।
शनिवार की रात बहराइच से मेरठ के यादव ट्रैवल्स की एक प्राइवेट बस यात्रियों को लेकर दिल्ली जा रही थी। बस को शाहजहांपुर निवासी मोबीन चला रहा था। बस को रात करीब नौ बजे पलिया में स्कार्पियो सवार लोगों ने स्टेट बैंक के सामने रोक लिया। यात्रियों के मुताबिक स्कार्पियो सवार लोग गाली गलौज करते हुए बस में चढ़े और मोबीन को दबोच लिया। हमलावरों ने उसे पीटते हुए बस से नीचे उतार लिया, जिससे यात्रियों में अफरातफरी मच गई। कुछ यात्री इसी बीच बस से उतर गए। यात्रियों के मुताबिक उनके सामने ही ड्राइवर मोबीन को हमलावरों ने जमकर पीटने के बाद गाड़ी में लाद लिया और भाग निकले। शोरशराबा होने पर आसपास मौजूद लोग भी मौके पर पहुंचे, लेकिन उससे पहले ही सभी हमलावर जा चुके थे। इसी बीच किसी ने मामले की जानकारी यूपी 100 और कोतवाली पुलिस को दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस हमलावरों को तलाशने के बजाय यात्रियों को ही सांत्वना देने में जुट गई। इसके बाद पुलिस ने इस बस के आगे जा रही इसी कंपनी की एक अन्य खाली बस का पीछा कर उसे रुकवाया और उसके चालक को लाकर उससे बस को दिल्ली के लिए रवाना कराया।
अब तक की जांच में पता चला है कि बस स्टॉफ के चालकों के बीच में ही कोई विवाद था। अगर कोई तहरीर देता है तो कार्रवाई की जाएगी। इसलिए अभी रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की गई है। पुलिस ने यात्रियों और मौके पर मौजूद कुछ लोगों के भी बयान लिए हैं।
- वीके सिंह, कोतवाल
चालक के अपहरण के मामले में पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
बस में चढ़कर मारपीट करने के बाद चालक का अपहरण करने की हुई घटना से सनसनी फैल गई है। वहीं इस मामले में पुलिस की कार्रवाई ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर अपहरण जैसी बात सामने आने पर भी पुलिस ने हमलावरों को पकड़ने की कोशिश क्यों नहीं की। यदि पुलिस गंभीर होती तो अपहरण की सूचना सभी थानों को देकर हमलावरों की तलाश कराती। ऐसा करने से हमलावर पकड़े जा सकते थे, लेकिन पुलिस ने ऐसा कुछ भी नहीं किया। आखिरकार अभी तक यह भी नहीं पता चला है कि चालक कहां गया। पुलिस ने सिर्फ यह करकर पल्ला झाड़ लिया कि किसी की तरफ से कोई तहरीर नहीं मिली है।