फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जांच न पड़ताल फाइनल रिपोर्ट की तैयारी

विज्ञापन
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। खनन निरीक्षक अजीत कुमार पांडेय के किराए के आवास पर तोड़फोड़ की कोशिश और फायरिंग के मामले में पुलिस शुरुआती दौर से ही लीपापोती करने में जुट गई थी। यही वजह है कि पुलिस घटना के 18 दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी तो दूर वादी और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी नहीं ले सकी है। सूत्रों की मानें तो पुलिस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाने की कोशिश में जुट गई है।
विज्ञापन

बालू भरी तीन ट्रैक्टर ट्रॉली सीज करने से नाराज माफिया ने अपने कई साथियों के साथ 22 फरवरी की शाम खनन निरीक्षक लखीमपुर के आवास पर धावा बोला था। इस दौरान उनके आवास के दरवाजे तोड़ने की कोशिश की गई थी। इतना ही नहीं माफिया और उनके साथियों ने कई राउंड फायरिंग की थी। माफिया और उनके साथियों को खादी का संरक्षण प्राप्त होने के कारण पुलिस एवं प्रशासनिक अफसर कार्रवाई का साहस नहीं जुटा पा रहे थे। यही वजह थी कि पुलिस शुरुआती दौर से ही लीपापोती करने में जुट गई थी। हालांकि दूसरे दिन पुलिस ने खनन निरीक्षक की तहरीर पर सर्वा, शिवपरी क्षेत्र की खनन पट्टा धारक के पति प्रेम वर्मा और अन्य अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच चौकी इंचार्ज राजापुर अरविंद शुक्ला को सौंपी थी, लेकिन पुलिस पूरे बचाव में उतर आई। पुलिस ने खनन निरीक्षक के आरोपों को यह कहते हुए घटनाक्रम को साधने की कोशिश की कि गाली-गलौज हुई है, किसी ने एक फायर किया था। घटना को हुए 18 दिन बीत चुके हैं। पुलिस ने घटना से जुड़े सुबूतों को भी एकत्र करने की जरूरत नहीं समझी। अभी तक मुकदमा वादी और चश्मदीदों के बयान भी नहीं लिए। इससे पुलिस की नीयत पर सवाल उठने लगे। भरोसेमंद सूत्रों की मानें तो पुलिस अब इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाने का तानाबाना बुन रही है।

विवेचक बोले, व्यस्त रहा इसलिए नहीं ले सका बयान
खनन निरीक्षक अजीत कुमार पांडेय के घर तोड़फोड़ की कोशिश और ताबड़तोड़ फायरिंग की विवेचना कर रहे चौकी इंचार्ज राजापुर अरविंद शुक्ला से जब पूछा गया तो उनका कहना है कि छुट्टी पर चला गया था। कुछ व्यस्तता रही, इसलिए अभी किसी के बयान दर्ज नहीं किए जा सके हैं। जल्द ही बयान दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें