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युवक की लाठी डंडों से पीट-पीटकर हत्या, तीन नामजद

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युवक की लाठी डंडों से पीटकर हत्या, तीन नामजद
एक माह पहले किशोरी भगाने के शक में दिया वारदात को अंजाम
मौसी के घर जाने की बात कहकर निकला था राममिलन

निघासन (लखीमपुर खीरी)। थाना क्षेत्र में लड़की को भगाने के शक में युवक की पीटकर हत्या कर दी गई और लाश पास के गांव के बाहर फेंक दी गई। मृतक की मां के अनुसार एक माह पहले गांव की लड़की भाग गई थी। लड़की के घर वालों को शक था कि उनके बेटे ने उसे बहला फुसलाकर भगाया है। इसी संदेह में उन लोगों ने उसकी हत्या कर दी है। मृतक की मां गीता देवी की तहरीर पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
गांव सुरजीपुरवा निवासी गीता देवी ने बताया कि उसका 25 वर्षीय बेटा राममिलन रविवार शाम करीब पांच बजे लोनियनपुरवा स्थित अपनी मौसी मीना देवी के घर जाने की बात कहकर पैदल ही गया था। रात करीब आठ बजे उसे सूचना मिली कि उसका बेटा लोनियनपुरवा के पास अचेत हालत में पड़ा है। इस पर वह रोते बिलखते मौके पर पहुंची। बेटे को गांव के ही अस्पताल में दिखाया तो डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस पर पुलिस को सूचना दी गई। मृतक की मां का कहना है कि सुरजीपुरवा गांव से निकलते ही विपक्षियों ने उसके बेटे को घेर लिया और लाठी डंडों से पीटकर उसे मौत के घाट उतार दिया। मां ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि सुरजीपुरवा निवासी जगमोहन, रमेश और रामाधीन ने उसके बेटे की पीटकर हत्या कर दी है, जिस पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर तीनों को नामजद किया है।
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वर्जन.....
मृतक लंबे समय से बीमार था। प्रथम दृष्टया पिटाई से मौत नहीं लग रही है। फिलहाल मामले में तीन लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल मामले में जांच की जा रही है।
- संजय त्यागी प्रभारी निरीक्षक


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साइड स्टोरी......
युवक की हत्या से सुरजीपुरवा में शोक
निघासन। गांव निवासी राममिलन की हत्या की खबर से सुरजीपुरवा में शोक है। राममिलन काफी हंसमुख और मिलनसार था, जिससे की उसकी मौत की खबर आते ही हर कोई उसे देखने दौड़ पड़ा। सोमवार को इलाके में राममिलन की मौत की चर्चा आम रही। घर से निकलने के कुछ देर बाद ही उसकी मौत की खबर आने से हर कोई हतप्रभ है। पुलिस की मानें तो परिस्थितिजन्य साक्ष्य और शरीर पर गंभीर चोट न मिलने की बात से हत्या की बात संदिग्ध प्रतीत होती है। वहीं मृतक की मां का कहना है कि उसका बेटा जब घर से निकला तो वह पूरी तरह से ठीक था। उसकी मौत विपक्षियों की पिटाई से ही हुई है।

मृतक के पिता की 16 साल पहले हो चुकी है मौत
गीता देवी ने बताया कि गांव लोनियनपुरवा निवासी उसके पति लल्ला की मौत करीब 16 साल पहले बीमारी के चलते हो गई थी। वह अपने बेटे राममिलन को लेकर गांव सुरजी पुरवा चली गई थी और उसने दूसरा विवाह रतीराम से कर लिया था।

राममिलन की 15 दिन पहले आरोपियों ने की थी पिटाई
किशोरी के भगा ले जाने के शक में राममिलन की एक गांव के ही तीन लोगों ने जमकर पिटाई करते हुए मरणासन्न स्थित में पहुंचा दिया था। आरोपियों के डर से राममिलन ने कोई भी शिकायत थाने में दर्ज नहीं कराई थी। आरोपियों ने शनिवार को राममिलन और उसकी मां गीता देवी से मारपीट करने का सुलह भी लिखवा लिया था।
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हत्या को लेकर उठ रहे सवाल
पुलिस सूत्रों के अनुसार राममिलन को रविवार शाम पांच बजे पीटकर सुरजीपुरवा के पास मौत के घाट उतारा गया था। उस समय पुलिस को सूचना नहीं दी और घायल अवस्था में उसे अस्पताल में भर्ती कराने के बजाए लोनियनपुरवा गांव निवासी मौसी मीना देवी के यहां लेकर जाना यह सवालों के घेरे में हें। इस मामले में षडयंत्र की भी चर्चा है।
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