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चलो जाओ, पहले ढूंढों पता न लगे तब आना, लिख लेंगे रिपोर्ट

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लखीमपुर खीरी। योगी सरकार शत प्रतिशत एफआईआर दर्ज कराने और पीड़ितों के साथ अच्छा व्यवहार करने के भले ही कड़े निर्देश दिए हों, लेकिन जिले के अफसर इन आदेशों का पालन नहीं करा पा रहे हैं। इसका उदाहरण रविवार को शहर कोतवाली में देखने को मिला। मोहल्ला निवासी एक व्यक्ति अपनी चोरी गई बाइक की रिपोर्ट दर्ज कराने सदर कोतवाल के पास चार दिनों से चक्कर काट रहा है, लेकिन कोतवाल यह कहकर टरका रहे हैं कि चलो जाओ पहले ढूंढ लो, पता न लगे तब आना रिपोर्ट दर्ज कर ली जाएगी।
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करीब माह भर पहले तत्कालीन शहर कोतवाल नागेश कुमार मिश्रा ने कई बाइक चोर गैंगों का खुलासा कर 50 से अधिक बाइकें बरामद कीं थीं, इसके बाद से शहर में बाइक चोरी की घटनाओं पर काफी हद तक अंकुश लगा था। पखवाड़े भर पहले शहर कोतवाल नागेश कुमार मिश्रा को एसपी ने हटा दिया। बताते हैं कि जिले के भाजपा के एक कद्दावर नेता के दबाव में एसपी ने तिकुनियां कोतवाल कुलदीप तिवारी को शहर कोतवाल बनाया है। मोहल्ला हिदायतनगर निवासी अयूब की पांच जुलाई को सदर कोतवाली के निकट सदर चौराहा से दोपहर बाद करीब ढाई बजे बाइक चोरी हो गई थी। इस पर वह कोतवाली पहुंचे और सदर कोतवाल को तहरीर दी, लेकिन कोतवाल आजकल आने की बात कहते हुए उसे टहलाते रहे। अयूब ने बताया कि तब से वह रोज कोतवाली आ रहे हैं, लेकिन पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है। रविवार को भी वह कोतवाली पहुंचे लेकिन बाइक खुद ढूंढने की बात कह दी गई। सदर कोतवाल कुलदीप तिवारी ने बताया कि बाइक चोरी की तहरीर मिली थी, लेकिन उन्होंने इसलिए अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं कि शायद बाइक मिल जाए। इसलिए बाइक स्वामी को खुद भी बाइक तलाश करने के लिए कहा है।
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