ममरी। हैदराबाद थाना क्षेत्र के देउवापुर गांव में बुधवार की रात पिता पुत्र के बीच हुई मारपीट में 26 वर्षीय शराबी बेटे की पक्की दीवार पर गिरने से मौके पर मौत हो गई है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आरोपी पिता को हिरासत में लिया है। घटना से गांव में सन्नाटा पसरा है।
बताते हैं कि गांव देउवापुर निवासी मुनीश वर्मा का 26 वर्षीय बेटा राविंद्र कुमार शाम को अक्सर शराब पीकर घर आता था जिस पर मुनीश वर्मा उसे फटकार लगाते थे। बुधवार की रात करीब 10 बजे राविंद्र कुमार जब शराब पीकर घर लौटा तो पिता मुनीश वर्मा ने उससे देर से घर आने का कारण पूछा। जिस पर राविंद्र ने पिता को जान से मारने को कहकर भिड़ गया और दोनों के बीच गुत्थमगुत्थी होने लगी, जिसमें पिता मुनीश वर्मा ने छुड़ाते हुए धक्का दे दिया, जिससे वह सिर के बल पक्की दीवार से टकराकर बेहोश हो गया। परिवार वाले उसे अस्पताल ले जाते इससे पहले ही उसकी मौत हो गई।
घटना की खबर फैलते ही तमाम ग्रामीण एकत्र हो गए और घर में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंचे इंसपेक्टर राजवीर सिंह, अजान चौकी प्रभारी यशवीर सिंह, सीओ गोला अभिषेक प्रताप ने परिवार वालों, ग्रामीणों से घटना की जानकारी की। पुलिस ने शव सील कर पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आरोपी पिता मुनीश वर्मा को रात में ही हिरासत में ले लिया है।
मृतक के चचेरे भाई संदीप कुमार की तहरीर पर मृतक के पिता मुनीश वर्मा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोट दर्ज कर आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया है।
राजवीर सिंह, प्रभारी निरीक्षक-थाना हैदराबाद
घटना पर पछता रहा है आरोपी पिता
हैदराबाद थाना में मौजूद आरोपी पिता मुनीश कुमार अपने जवान बेटे की मौत पर पछता रहा है। उनका युवा बेटा राविंद्र को जान से मारने का कोई इरादा नहीं था, लेकिन होनी को कौन टाल सकता है।
शराबी प्रवृत्ति का था राविंद्र
ममरी। देउवापुर वासियों और मृतक के पिता मुनीश ने पुलिस को बताया कि राविंद्र ने एक वर्ष पूर्व अपनी पत्नी को आग से जलाकर मार डाला था। तभी से वह दारू पीने का आदी हो गया था। इस केस को निपटाने में उसकी दो बीघा जमीन भी बिक गई थी। घर में आर्थिक तंगी आने से उनका छोटा बेटा सुरेंद्र और पत्नी हापुड़ की एक फैक्ट्री में कई साल से नौकरी करते हैं, जो घर मौजूद नहीं थे। सिर्फ मृतक राविंद्र और पिता मुनीश दो लोग ही घर पर रहते थे। जिसकी पुष्टि गांव वालों ने भी की है। ग्रामीणों ने बताया कि मुनीश वर्मा के पास मात्र तीन बीघे जमीन शेष बची है।