खीरी टाउन। सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव चक कमलापुर में सोमवार शाम खाना खाकर घर से निकले युवक की हत्या कर दी गई। मंगलवार की सुबह उसका शव पड़ोस के गांव मूसेपुर खुर्द के निकट खेत में पड़ा मिला। उसके सिर पर चोट के गहरे घाव थे। मृतक की मां ने परिवार के ही एक व्यक्ति पर जमीन को लेकर रंजिश में पुत्र की हत्या करने की आशंका जताई है।
गांव चक कमलापुर निवासी सोना देवी ने बताया कि उनके पति की करीब 15 साल पहले मौत हो चुकी है। वह अपने एकलौते पुत्र उमाशंकर (20) के साथ रहती थीं। पुत्र के नाम पौने चार बीघा जमीन थी। परिवार के ही कुछ लोग जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। इसको लेकर कई बार विवाद भी हुआ। सोमवार की शाम करीब आठ बजे पुत्र उमाशंकर खाना खाकर बनियान और अंडरवियर पहनकर घर से निकला था, लेकिन वह देर रात तक नहीं लौटा। इस पर उन्होंने गांव और आसपास में पुत्र की तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं चला। मंगलवार की सुबह गांव मूसेपुर खुर्द के लोगों ने गांव के दक्षिण चकरोड किनारे खून से लथपथ शव पड़ा देखा। इस पर तमाम लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना पर वह जब तक मौके पर पहुंचतीं, इससे पहले ही पुलिस ने अज्ञात में पंचायतनामा भरकर शव पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। इस पर वह थाने पहुंची। पुलिस ने फोटो दिखाए तो शव की पहचान अपने बेटे उमाशंकर के रूप में की। शव का पोस्टमार्टम मंगलवार को नहीं हो सका है।
शिनाख्त को लेकर परिजनों को दौड़ाती रही पुलिस
खीरी टाउन। गांव मूसेपुर खुर्द के पास खेत में खून से लथपथ मिले शव की सूचना पर खीरी पुलिस के हाथपांव फूल गए। हड़बड़ाई पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव की शिनाख्त भी कराने की जहमत नहीं उठाई और आनन-फानन में पंचायतनामा भरकर शव पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। मृत की मां ने थाना पहुंचकर फोटो को देख शव की शिनाख्त अपने पुत्र के रूप में की, लेकिन पुलिस नहीं मानी। उसकी मां और रिश्तेदारों को थाने से लेकर पोस्टमार्टम के चक्कर कटवाती रही।
मृत उमाशंकर की मां सोना देवी ने बताया कि उन्हें सुबह करीब 10 बजे अज्ञात शव मिलने की खबर मिली थी। इस पर वह गांव के कुछ लोगों और रिश्तेदारों के साथ मौके पर पहुंची तो पता चला कि पुलिस ने शव लखीमपुर भेज दिया है। इस पर वह थाना पहुंची। पुलिस ने उन्हें फोटो दिखाए तो शव पुत्र उमाशंकर का था। वह रोने-विलखने लगी। उसने कई बार पुलिस से कहा कि शव उसके पुत्र का ही है, लेकिन पुलिस मानने को तैयार नहीं हुई। पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम हाउस जाकर शव देखकर आने की बात कही। इस पर वह दोपहर करीब दो बजे पोस्टमार्टम हाउस पहुंची और शव देखा तो उसके बेटे का निकला। वह वह फिर थाना गई और शव बेटे का होने की बात बताई। महिला के मुताबिक पुलिस ने यह कहते हुए उसकी बात को मानने से इनकार कर दिया कि शिनाख्त के समय थाना का कोई सिपाही नहीं था। इसलिए उसे फिर थाना के एसआई अनेक पाल के साथ पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया। महिला शाम करीब साढ़े पांच बजे फिर पोस्टमार्टम हाउस पहुंची और शव की शिनाख्त बेटे के रूप में की। पुलिस की लापरवाही का खामियाजा मृतकी मां को भुगतना पड़ गया। कागजात न पहुंचने की वजह से शाम छह बजे तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका है।
महिला ने मोबाइल पर फोटो देखकर शिनाख्त अपने पुत्र के रूप में की थी, चूंकि मामला हत्या का है, इसलिए शव देखकर पहचान करने के लिए पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया था। इसलिए कागज बनने में देरी हुई है। कागजात तैयार कराए जा रहे हैं।
- चंद्रकांत सिंह प्रभारी निरीक्षक थाना खीरी।े