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औलाद की खातिर घनश्याम की दी गई थी बलि

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निघासन (लखीमपुर खीरी)। 22 मार्च को गंगाबेहड़ के रामपुर में नौ वर्षीय घनश्याम की गला रेतकर बलि दी गई थी। पुलिस का दावा है कि हत्या आरोपियों ने औलाद की खातिर बच्चे की हत्या करने का गुनाह कुबूल कर लिया है। मामले में दो महिलाओं समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके कब्जे से तंत्र-मंत्र के दौरान प्रयुक्त धागे से बंधी शीश, छूरी और एक साइकिल भी बरामद की गई है। घटना को अंजाम देने वाले मास्टरमांइड अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
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गंगाबेहड़ के रामपुर गांव निवासी रामनरेश का नौ वर्षीय पुत्र घनश्याम उर्फ भोलू चार मार्च को घर से लापता हो गया था। दो दिन बाद पुलिस ने इस मामले में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 22 मार्च की शाम उसकी गला रेती लाश गांव के पास सूखे तालाब में बरामद हुई थी। इस पर काफी बबाल भी हुआ था। पुलिस ने गुमशुदगी को हत्या में तरमीम कर मुकदमा दर्ज कर दिया था। रामनरेश के शक पर पुलिस ने इसमें गांव के ही पप्पू, गुड्डू, नागेश आदि चार को नामजद किया था। शव का पोस्टमार्टम कराने पर लाश के कई अंग गायब बताए गए थे। इससे किसी तांत्रिक क्रिया का अंदेशा हो गया था। कोतवाल अमित कुमार दुबे ने बताया कि मामले की पड़ताल के दौरान पता चला कि पप्पू और उसकी पत्नी सुमनदेवी के औलाद नहीं है। इसके लिए तमाम उपाय भी कर चुका था। इसी दौरान पुलिस को कुछ और जानकारियां मिलीं। शक की बिना पर मंगलवार को बम्हनपुर बस अड्डे से गोला कोतवाली के अल्लाहगंज के मोबीन, निघासन कोतवाली के दौलतापुर के अबरार, धन्नापुरवा के नागेश कश्यप, रामपुर की सुमन देवी पत्नी पप्पू और सीता देवी पत्नी गुड्डू को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में इन लोगों ने कबूल किया कि पप्पू के औलाद न होने की वजह से उसको एक तांत्रिक ने बलि देने की राय दी थी। इस पर पप्पू ने अपने भाई गुड्डू और अन्य साथियों की मदद से स्कूल से लौटे घनश्याम को अगवा कर लिया। होली की रात अनुष्ठान के दौरान उसकी बलि दे दी गई। इसके बाद उसकी लाश तालाब में फेंक दी गई। गिरफ्तार अभियुक्तों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मुख्य आरोपी पप्पू और गुड्डू अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
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