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आशिकी के फेर में हुई थी छात्र नितीश और रितेश की हत्या, चार गिरफ्तार

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आशिकी के फेर में हुई थी छात्र नितीश और रितेश की हत्या, चार गिरफ्तार

लखीमपुर खीरी। सदर कोतवाली पुलिस ने शहर से सटे गांव रामापुर में हुई दो छात्रों की हत्या का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक छात्र नितीश वर्मा और रितेश गौतम दोनों गहरे दोस्त थे। नितीश के गांव की ही एक लड़की से प्रेम संबंध थे। नितीश की हत्या लड़की के घर वालों ने सुपारी देकर करवाई थी। हत्या के दौरान रितेश भी मौके पर था। इसलिए हत्यारों ने प्रत्यक्षदर्शी बने रितेश की भी मुंह दबाकर हत्या कर दी थी। हालांकि कितने रुपये की सुपारी दी गई थी। इस पर पुलिस अभी कुछ नहीं बता पा रही है। उसका कहना है कि इसकी अभी जांच की जा रही है।
एएसपी/सीओ सिटी आरके वर्मा ने बताया कि सदर कोतवाली के गांव रामापुर निवासी राजेंद्र प्रसाद वर्मा का बेटा इंटर का छात्र नितीश कुमार (17) और कक्षा पांच का छात्र उत्तम कुमार गौतम का बेटा रितेश कुमार उर्फ बंटी (12) 21 जनवरी को घास काटने उल्ल नदी की तरफ गए थे, लेकिन वापस नहीं आए। अगले दिन पुलिस ने दोनों की गुमशुदगी दर्ज की। 27 जनवरी को रितेश और 28 जनवरी को नितीश का शव उल्ल नदी से बरामद हुआ था। दोनों की मुंह दबाकर हत्या की गई थी। पुलिस ने हत्या की धाराओं में गुमशुदगी दर्ज कर घटना की जांच में जुट गई। जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सबूत मिले। जिस पर प्रभारी निरीक्षक सदर अशोक कुमार पांडेय, इंस्पेक्टर अपराध ऋषिदेव सिंह, सिपाही विजय शर्मा ने सदर कोतवाली के गांव अमकोटवा निवासी शातिर अपराधी परशुराम उर्फ लाला, ध्रुव उर्फ धीरज वर्मा, कमल किशोर और नीरज को दबोच लिया और पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने पुलिस को बताया कि नितीश वर्मा के गांव की एक लड़की से प्रेम संबंध थे। नितीश को रास्ते से हटाने के लिए लड़की के परिवार वाले शातिर अपराधी परशुराम उर्फ लाला से मिले और रुपये का लालच देकर मार देने को कहा था। इस पर पूर्व नियोजित तरीके से खेतों की तरफ आए दोनों बच्चों को उन्होंने गन्ने का अगौला देने के बहाने नदी के पार बुलाया और नितीश को गन्ने के खेत में ले जाने लगे। इसी बीच रितेश भाग पड़ा। अपराध खुल न जाए। इसके चलते उसे भी दौड़ाकर पकड़ लिया और मुंह दबाकर हत्या कर दोनों शव नदी में फेंक दिए थे। एएसपी/सीओ सिटी ने बताया कि चारों आरोपियों का चालान कर दिया गया है। मामले की अभी छानबीन जारी है।
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अमर उजाला ने पहले ही जताई थी आशंका
रामापुर में हुए दोहरे हत्याकांड को लेकर अमर उजाला ने 30 जनवरी 19 के अंक में पेज संख्या तीन पर कहीं चश्मदीद होने पर तो नहीं की गई दूसरे छात्र की हत्या शीर्षक से खबर प्रमुखता के साथ छापी थी, जो सही साबित हुई। हत्यारों का मकसद सिर्फ नितेश की हत्या करना था, लेकिन रितेश ने उसे गन्ने के खेत में जब खींचकर ले जाते देखा तो वह घबरा गया और मौके से भागने की कोशिश की थी। इस पर हत्यारों ने उसे भी दबोच लिया और चश्मदीद होने के कारण उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने अमर उजाला के तथ्यों को भी अपनी जांच में शामिल किया था।
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