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पुरस्कार घोषित हत्यारोपी और उसका भाई गिरफ्तार

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लखीमपुर खीरी। खीरी टाउन में वर्ष 2015 में हुए अदब हत्याकांड मामले में फरार गांव टिप्पनपुरवा निवासी सतनाम सिंह उर्फ छिद्दू उर्फ शैलेंद्र सिंह उर्फ राजवीर सिंह और उसके भाई बब्बू सिंह उर्फ दिलबाग सिंह को एसओ खीरी अलोक मणि त्रिपाठी ने गिरफ्तार कर लिया जबकि तीसरा आरोपी मालक फरार हो गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से दो किलो चरस बरामद होने का दावा किया है। आईजी जोन लखनऊ ने सतनाम और मालक पर 12 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
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एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने बताया कि खीरी टाउन निवासी अदब की 2015 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में दो आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है जबकि इसी थाना क्षेत्र के गांव टिप्पनपुरवा निवासी सतनाम सिंह उर्फ छिद्दू उर्फ शैलेंद्र उर्फ राजवीर सिंह, उसका भाई बब्बू सिंह उर्फ दिलबांग सिंह और मालक फरार थे। जिनकी पुलिस तलाश कर रही थी। एसपी ने बताया कि एसओ को सूचना मिली कि हत्यारोपी सतनाम अपने भाई बब्बू सिंह अपने साथी मालक से मिलने शनिवार की रात करीब 3.30 बजे चुरई बगिया जा रहा है। सूचना पर एसओ आलोक मणि त्रिपाठी ने चुरई बगिया की घेराबंदी की। इस दौरान मालक तो भाग निकला लेकिन पुलिस ने सतनाम सिंह और बब्बू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों के पास एक-एक किलो चरस बरामद की है। एसपी ने बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपी शातिर अपराधी हैं। लखनऊ, हरदोई से भी जेल जा चुके हैं। सतनाम का एक भाई जीता अभी भी लखनऊ जेल में बंद है। सतनाम भी हत्या करने के बाद पंजाब भाग गया था और वहां भी कई प्रकार के अपराध करता था। बब्बू लखनऊ में अपनी मां के साथ रहकर आपराधिक गतिविधियों में लिप्त था। सतनाम ने पुलिस को बताया कि उसकी एक आंख खराब हो गई थी। वह पंजाब से चरस लेकर लखनऊ पहुंचा जहां से नेपाल में आंख दिखाने के लिए अपने भाई बब्बू को लेकर लखनऊ से गांव पहुंचा। पुलिस के मुताबिक सतनाम नेपाल में चरस बिक्री करने के बाद उसी पैसे से आंख का उपचार कराता। नेपाल जाने से पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया।
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