लखीमपुर खीरी। शहर के प्रमुख कारोबारी अनिल टंडन की जैसे दुनिया ही उजड़ गई। बुधवार को बिजनौर हादसे में मारे गए परिवार के आठों सदस्यों के शव अलसुबह छह बजे जैसे ही शहर में पहुंचे मानो पूरा शहर थम सा गया। टंडन हाउस के बाहर हजारों लोगों की भीड़ इस दुख में साथ नजर आई। आंगन में रखे गए इन शव के अंतिम दर्शन करने के लिए लोगों का तांता लग गया, दोपहर करीब 11 बजे शवों का अंतिम सफर शमशान घाट के लिए शुरू हुआ तो इस शहर का हर खास व आम शवयात्रा में शामिल हुआ। सेठ घाट शमशान घाट पर दो चिताओं पर पांच बड़े एवं तीन मासूमों को पास में ही मिट्टी में सुपुर्द कर अंतिम संस्कार किया गया।
अपने शहर के बड़े कारोबारी एवं रोहित मोटर्स समेत कई प्रतिष्ठान के मालिक अनिल टंडन पर जैसे दुनिया का सबसे बड़ा गम आया है, जिस शख्स को अपनी जीवनसंगिनी, दो लाडले बेटे, घर की लक्ष्मी जैसी दो बहुओं एवं आंगन की रौनक तीन पोते-पोतियों के शव को एक साथ कांधा देना पड़े, तो उससे बड़ा क्या गम होगा। बिजनौर में हादसे में टंडन परिवार के आठ सदस्यों की मौत के बाद उनके शव गुरुवार की सुबह लखीमपुर पहुंचे। घर की बुजुर्ग एवं अनिल टंडन की पत्नी नीरू टंडन, मंझला बेटा रोहित, बड़ी बहू सोना टंडन, छोटा बेटा रजत टंडन एवं बहू शालू टंडन (रजत की पत्नी), प्रपोत्र हनु, कार्तिक, दस माह की पोती परी के शव जब घर के आंगन में उतारे गए तो पत्थर दिल भी सिसक उठे। आंगन में रखे शवों को देखकर आज शहर के साथ आसमान भी जार जार रो रहा था। दोपहर से पहले ही सभी शव सेठ घाट शमशान घाट के लिए रवाना हुए तो हजारों लोग इन दो कदम के आखिरी सफर में शामिल रहना चाहते थे। इमली चौराहा से लेकर पुराने एसपी बंगला तक जाम लगी थी, करीब एक बजे शमशान घाट में दो चिताएं तैयार की गईं। एक चिता पर रजत, उनकी पत्नी शालू एवं एवं 12 साल के लाडले शौर्य उर्फ हनु को लिटाया गया एवं दूसरी चिता पर घर की बुजुर्ग मां नीरू टंडन के साथ उनका मंझले बेटे रोहित टंडन एवं बहू सोना टंडन को लिटाया गया। तो घर के आंगन में एक साथ धमाचौकड़ी मचाने वाले बच्चे कार्तिक, शौर्य एवं नन्ही सी गुड़िया परी को मिट्टी के सुपुर्द कर दिया गया। घर के सबसे बड़े बेटे राहुल अपने पापा को हर कदम पर संभालते रहे, लेकिन जब शवों को अग्नि देने की क्रिया हुई तो आंसुओं का सैलाब टूट गया। बड़े बेटे राहुल ने सबसे पहले मां, भाई और पत्नी की चिता को अग्नि दी फिर दूसरी चिता जिसमें छोटा भाई रजत, उनकी पत्नी शालू एवं भतीजे हनु की चिता को आग दी। इसी के साथ ही शहर के लोगों ने चिता को लकड़ी देकर उनके दुख को साझा करने की कोशिश की।
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