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चौथे दिन पुलिस ने हत्यारोपियों का भेजा चालान

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लखीमपुर खीरी। शहर कोतवाली पुलिस के लिए मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देश भी कोई मायने नहीं रखते हैं। पुलिस ने सर्वजीत हत्याकांड के आत्मसमर्पण करने वाले तीनों आरोपियों का चौथे दिन गुरुवार को चालान कर दिया। तीनों के कब्जे से पुलिस ने घटना में प्रयुक्त तीन लाठियों को बरामद करने का दावा किया है। हालांकि चौथे दिन चालान भेजने के बाबत पूछने पर सदर कोतवाल कुछ भी कहने से साफ इंकार कर दिया।
बतादें कि 29 जून की सुबह थाना फरधान क्षेत्र के गांव हसनापुर मजरा लकेसर निवासी कमीशन एजेंट सर्वजीत वर्मा शहर स्थित अपने किराए के मकान से सुबह नौ बजे अपनी कार से निकला था। इसी दिन शाम को कुछ लोग उसे मरणासन्न हालत में उसके मकान के पास फेंक गए थे। घर वाले जिला अस्पताल ले जा रहे थे, रास्ते में सर्वजीत वर्मा की मौत हो गई थी। पुलिस ने पत्नी नमिता वर्मा की ओर से छाउछ निवासी आदिल, अरुण वर्मा और अनिल उर्फ चप्पू के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया था। सोमवार की शाम तीनों आरोपियों ने सदर कोतवाली में आत्मसमर्पण कर लिया था। तीनों को सदर कोतवाली पुलिस चार दिन तक हवालात में बैठाए रखी। हत्यारोपियों के चालान न करने के बारे में जब सदर कोतवाल से पूछा गया तो वह कन्नी काट गए। चौथे दिन पुलिस ने गिरफ्तारी दिखाते हुए आनन-फानन में हत्या में प्रयुक्त तीन लाठियां बरामद होना दर्शाते हुए दिखाते हुए तीनों का चालान कर दिया।
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पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
सर्वजीत हत्याकांड में आरोपियों के आत्मसमर्पण करने के बाद भी पुलिस द्वारा उन्हें चार रोज तक हिरासत में रखना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। मसलन पुलिस के सामने ऐसी क्या मजबूरी थी कि उन्हें चार दिन तक हवालात में ही रखना पड़ा, इस सवाल का जवाब इंस्पेक्टर सदर कुलदीप तिवारी भी देने से बचते रहे।
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