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मालखाना इंचार्ज ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण

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मालखाना इंचार्ज ने कोर्ट
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में किया आत्मसमर्पण
अदालत ने न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जेल
मालखाने से 15 लाख रुपये गायब होने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
मालखाने से गायब हुए 15 लाख रुपये के मामले में फरार चल रहे मालखाना इंचार्ज विश्राम ने बृहस्पतिवार को सीजेएम की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
करीब छह साल पहले फूलबेहड़ थाना क्षेत्र की इलाहाबाद बैंक शाखा दाउदपुर में बदमाशों ने डकैती डाली थी और 15 लाख रुपये से अधिक का कैश लूट ले गए थे। अगले दिन ही पुलिस ने घटना का खुलासा कर कैश बरामद कर मालखाना में रखवा दिया था। अदालत ने 12 जनवरी 17 को इस धनराशि को वादी के पक्ष में रिलीज कर दिया था। उधर, पैसा रिलीज होने की जानकारी जब मालखाना इंचार्ज विश्राम को लगी तो वह मालखाने में ताला डालकर भाग निकला। पुलिस ने उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इस पर तत्कालीन एसपी मनोज कुमार झा ने सीओ सिटी निर्मल कुमार विष्ट और अतिरिक्त मजिस्ट्रेट संजय कुमार सिंह के नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम गठित की थी। गठित टीम 27 फरवरी 17 को माला खाना पहुंची और डबल लॉक का ताला तुड़वाया तो कैश नहीं मिला।
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अगले दिन सीओ सिटी ने अपनी जांच रिपोर्ट एसपी को सौंप दी थी। एसपी के आदेश पर सीओ सिटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर सदर कोतवाली पुलिस ने 28 फरवरी को मालखाना इंचार्ज विश्राम के खिलाफ आईपीसी की धारा 409 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। बृहस्पतिवार को आरोपी विश्राम ने सीजेएम कोर्ट में आत्म समर्पण कर दिया। अदालत ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया है।
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