महेवागंज खीरी।
सिंथेटिक दूध के भंडाफोड़ मामले में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ 272 व 273 समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने रविवार को ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। सोमवार को सभी का चालान भेज दिया। साथ ही बरामद सामग्री को भी सील कर दिया। पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, जिससे इनके रैकेट को खत्म किया जा सके।
सदर कोतवाली क्षेत्र में नकली दूध बनाए जाने की सूचना पर महेवागंज चौकी प्रभारी अनिल सिंह ने रविवार को मंझरा स्थित लिलौटी मोड़ के पास एक बिल्डिंग पर छापा मारा था। पुलिस ने रंगेहाथों पांच लोगों को दबोचने के साथ ही मौके से दो वाहनों में छह ड्रमों में भरा तीन हजार लीटर दूध, मशीन, कई बोरी पाउडर, रिफाइंड और केमिकल समेत भारी मात्रा में सामग्री बरामद की थी। देर शाम एसपी ने भी मौका मुआयना कर आरोपियों से काफी देर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक हत्थे चढ़े आरोपी बरेली के कस्बा व थाना नवाबगंज निवासी मान सिंह, अलीगढ़ के गांव भटीरा थाना गोणा निवासी जगतपाल सिंह, यहीं का अवधेश सिंह, मथुरा के थाना माठ व गांव मछिटी निवासी लवकुमार और मथुरा के ही थाना व कस्बा राया निवासी ब्रजेश कुमार ने सिंथेटिक दूध बनाकर जिले भर में सप्लाई की बात कबूल की है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सोमवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
रविवार को छुट्टी मनाते हैं अधिकारी
नकली दूध बनाने के काम में जुटे लोगों ने पुलिस को बताया कि रविवार को दफ्तरों में अवकाश होने की वजह से अधिकारी राउंड पर नहीं होते। वह छुट्टी मना रहे होते हैं, इसलिए रविवार को भारी मात्रा में दूध तैयार किया गया था, जिसे दो पिकअप में लादकर मोहम्मदी ले जाया जा रहा था।
...तो एफएसडीए को भी थी जानकारी
सिंथेटिक दूध बनाने वाला गैंग इलाके में काफी दिनों से सक्रिय था। ये बात पुलिस की पड़ताल और लोगों द्वारा सामने आई है। पुलिस की इस कार्रवाई से खाद्य पदार्थों की निगरानी करने वाले खाद्य सुरक्षा विभाग पर भी सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। हालांकि एक विभागीय अधिकारी ने माना भी कि सूचना मिल रही थी पर आरोपी हर बार निकल जाते थे।
जहर है सिंथेटिक दूध
महेवागंज इलाके में सिंथेटिक दूध बनाने का मामला सामने आने के बाद लोगों की रूह कांप गई है, खासकर लोग अपने बच्चों की सेहत को लेकर फिक्रमंद हैं। मिलावटी दूध के सेवन से सेहत को काफी नुकसान पहुंचता है, सीएमओ डॉ. जावेद अहमद ने बताया कि मिलावटी दूध से लीवर, पेट, किडनी और त्वचा की गंभीर बीमारी हो सकती है।
सिंथेटिक दूध के मामले में दूध, फूड सप्लिमेंट और केमिकल की सैंपलिंग की गई है, जिसे जांच के लिए लैब भेजा गया है। दस दिन में रिपोर्ट आने की उम्मीद है। बरामद तीन हजार लीटर दूध नष्ट कर दिया गया है।
- डॉ. अमर सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी