नगर में तीन जून की रात को हुए रवि हत्याकांड के खुलासे की बजाय हत्थे लगे आरोपियों को पुलिस ने छोड़ दिया है, वहीं पीड़ित बुजुर्ग पिता से ही शपथ पत्र मांग रही है, जबकि मृतक के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल से आरोपियों के उस रात लगातार संपर्क में होने का प्रमाण भी मौजूद है। ऐसे में पीड़ित पिता रामेश्वर प्रसाद वर्मा का कहना है कि कि लगता है हत्यारे नहीं पकड़े जाएंगे, क्योंकि पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया है।
अर्जुननगर कॉलोनी निवासी मृतक के पिता रामेश्वर प्रसाद वर्मा ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका बेटा रवि प्रकाश (25) तीन जून को रात्रि आठ बजे घर से निकला था और हाईडिल की तरफ गया था। सुबह उसे पड़ोस के ही झबरा ताल में बेटे की लाश पड़ी होने की सूचना मिली। मौके पर जब उसने जाकर देखा तो रवि के चेहरे पर धारदार हथियार से वार किए गए गहरे चोट के निशान थे। रामेश्वर प्रसाद ने अपने बेटे की हत्या में भूतनाथ कॉलोनी निवासी विकास ड्राइवर और हाईडिल कॉलोनी निवासी संजय राजपूत और एक अन्य पर शक दर्शाते हुए हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों और अधिक रक्तस्रास से मौत होना दर्शाया गया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की, जिसमें घटना वाली रात रवि का घर से बुलाने वाले रतन कॉलोनी निवासी युवक का नाम सामने आया। पुलिस के पास मौजूद कॉल डिटेल में इस युवक ने रवि के घर से निकलने से पहले 11 बार कॉल किये थे। पुलिस सूत्रों की मानें तो युवक ने पूछताछ में हर बार बदलकर बयान दिया। इसके बावजूद पुलिस ने उसे छोड़ दिया। पीड़ित पिता ने जब घटना के खुलासे की बाबत कहा तो गोला इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार मिश्र ने कहा ऐसे किसी को कैसे जेल भेज दूं। यदि आपको किसी पर पक्का संदेह है तो शपथ पत्र ले आओ। उसके बाद ही अब किसी से पूछताछ होगी। वहीं इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार मिश्र ने बताया कि वह घटना से जुड़े हर पहलू पर विवेचना कर रहे हैं। नामजद आरोपियों से कई बार पूछताछ की जा चुकी है। मृतक के परिवारवालों से भी घटना के संबंध में कई पहलुओं पर बात हुई है, किंतु अब तक वह किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके है । उन्होंने कहा कि घटना का जल्द ही खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।
हत्या के पीछे प्रेमप्रसंग का मामला
मृतक के पिता रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने कुछ प्रेम प्रसंग की बात कबूली है। उन्हें भी अपने बेटे के प्रेम प्रसंग की बाबत उड़ती हुई जानकारी मिल रही थी, जिसके बारे में वह विवेचक कोतवाल प्रमोद कुमार मिश्र को पहले ही बता चुके हैं।
रवि का मोबाइल नहीं लगा पुलिस के हाथ
रविप्रकाश वर्मा की हत्या के बाद घटना को अंजाम देने वाले उसकी जेब से रुपये नहीं ले गए थे, लेकिन महंगा एंड्रायड सेलफोन गायब है। आशंका है कि आरोपी ही उसे अपने साथ ले गए हैं, जिसका अब तक पता नहीं लग सका है, जबकि इस हत्याकांड में इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद ली जा रही है। सवाल है कि हत्यारों ने रवि का मोबाइल क्यों गायब किया? पुलिस के अनुसार मोबाइल घटना के बाद चालू नहीं किया गया है। इससे लगता है कि मोबाइल में कोई ऐसा सबूत तो नहीं था, जिससे हत्यारों की गर्दन आसानी से फंस जाती।