सीतापुर फोरलेन पर गुलरीपुरवा-मोहम्मदाबाद के बीच सीतापुर डिपो की एक अनुबंधित बस सड़क के किनारे खड़ी मिक्सर मशीन से शुक्रवार को टकरा गई। इससे महिलाओं और बच्चों समेत करीब 20 यात्री घायल हो गए। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद स्टेयरिंग में फंसे बस चालक को निकाला और 108 एंबुलेंस से सभी घायलों को जिला अस्पताल भेजा। हादसे की जानकारी होने पर डीएम-एसपी ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना।
सीतापुर फोरलेन पर इन दिनों डिवाडर बनाने का काम चल रहा है। इसमें लगी एक मिक्सर मशीन गुलरीपुरवा मंदिर और मोहम्मदाबाद के बीच सड़क के किनारे खड़ी थी। सुबह करीब 11.30 बजे सीतापुर की ओर से तेज रफ्तार से आ रही सीतापुर डिपो की अनुबंधित बस अनियंत्रित होकर खड़ी मिक्सर मशीन में पीछे से घुस गई। बस की रफ्तार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हादसे में बस का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। तेज धमाके के साथ चीखपुकार मच गई। राहगीर और आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। बचाव-राहत कार्य शुरू करते हुए मामले की सूचना पुलिस को दी गई। बस में करीब 35 लोग सवार थे। स्थानीय लोगों ने बस के अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकला। इसी बीच एसपी रामलाल वर्मा भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने केबिन में फंसे चालक सीतापुर जिले के थाना हरगांव के गांव अपगांवा निवासी मोनू सिंह को किसी तरह से बाहर निकाला। हादसे में बस में सवार बागेश मिश्रा (38), उनकी पत्नी नीरजा मिश्रा (37) निवासी कुरैया उदनापुर थाना हरगांव जिला सीतापुर, मथुरा प्रसाद श्रीवास्तव (59), उनका पुत्र मनोज श्रीवास्तव (38) मोहल्ला प्रगतिनगर जिला हरदोई, रामवीर (28)मोहल्ला सलामतनगर जिला फरुर्खाबाद, रीता शर्मा (35) पत्नी सुरेंद्र शर्मा, उनका पुत्र अनुभव शर्मा (11) निवासी लांबानगर कॉलोनी गोलागोकर्णनाथ, आदित्य सिंह (13) मोहल्ला राजगढ़ सदर कोतवाली लखीमपुर, अजय कुमार 38, उसकी पत्नी गुडिय़ा (35), पुत्र कृष्णा (10), कान्हा (8), पुत्री दर्पण (6), सुभाष (28), उसकी बहन छाया देवी (16) निवासी राजापुर, स्वीटी सक्सेना मोहल्ला महाराजानगर सदर कोतवाली लखीमपुर, काजल पुत्री बाबूलाल निवासी गौरा झबरा थाना ईसानगर, साधूराम मयादव पुत्र जगमोहन, मिदनियां और सोनू सिंह केशवापुर थाना धौरहरा घायल हो गए। सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। डीएम शौलेंद्र कुमार सिंह और एसपी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों का हाल जाना और उनसे हादसे की जानकारी ली। डीएम-एसपी ने डॉक्टरों को बेहतर इलाज करने के निर्देश भी दिए। घायलों में चालक मोनू सिंह और गुड़िया की हालत गंभीर बनी हुई है।
मना करने पर भी चालक तेज रफ्तार से दौड़ा रहा था बस
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ओयल। लखीमपुर-सीतापुर फोरलेन पर दुर्घटनाग्रस्त हुई बस में सवार यात्री हादसे और बस की स्पीड़ को सोचकर कांप उठते हैं। घायलों की मानें तो यात्रियों ने कई बार चालक से बस धीमी गति से चलाने को कहा, लेकिन चालक ने अनसुनी कर दी। यात्रियों का कहना है कि बस तेज रफ्तार में न होती तो दुर्घटना टल सकती थी।
गोला गोकर्णनाथ की लांबा कॉलोनी निवासी अनुष्करा शर्मा अपनी मां रीता शर्मा और भाई के अनुभव शर्मा के साथ बस में थी। वह बताती है कि चालक यात्रियों की बात मान लेता और स्पीड से बस न चलाता तो उसकी मां-भाई और बस में सवार यात्री घायल न होते। फरूर्खाबाद के मोहल्ला सलामतनगर निवासी रामवीर, प्रगतिनगर हरदोई निवासी मनोज श्रीवास्तव भी हादसे को याद कर सिहर उठते हैं। घायल यात्रियों की माने तो चालक करीब 10.30 बजे सीतापुर बस अड्डे से बस लेकर लखीमपुर को चला था। शहर से बाहर निकलने के बाद चालक ने लापरवाही के साथ तेज रफ्तार बस चलानी शुरू कर दी। इस पर कई यात्रियों ने परिचालक और चालक से बस को धीमी गित से चलाने को कहा, लेकिन वह नहीं माना।
हादसे की सूचना मिलते ही लोग अस्पताल की ओर भागे
सीतापुर-लखीमपुर फोरलेन पर जब अनुबंधित बस के मिक्सर से टकराने में कई लोगों के घायल होने की जब लोगों को जानकारी हुई तो जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में ह्यलोगों की भीड़ जुट गई। जन प्रतिनिधि भी अस्पताल पहुंचे। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि नरेंद्र सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना।
जिला अस्पताल पहुंचे भाजपा नेता और रोडवेज अधिकारी
जिले पर आए भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जेपीएस राठौर सड़क दुर्घटना में घायल यात्रियों का हाल जानने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायलों का हाल जाना और डॉक्टर से उनकी सेहत के बारे में जानकारी ली। इस दौरान सीएमओ और सीएमएस के न मिलने पर नाराजगती जताते हुए मामले की डीएम को जानकारी दी। उन्होंने मरीजों को हर संभव मदद दिलीाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर जिला प्रवक्ता रमेशचंद्र मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिध नरेंद्र सिंह मौजूद रहे। वहीं एआरएम लखीमपुर एसपी सिंह, वरिष्ठ लिपिक केके वर्मा, टीआई उमाशंकर, महेश प्रसाद ने भी जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना।
ऐरा रूट पर डैशबोर्ड पर पैर रखकर बस चलाता मिला चालक
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लोगों को सुरक्षित यात्रा कराने के लिए परिवहन मंत्री भले ही दिशा निर्देश जारी कर रहे हों, लेकिन डिपो अधिकारियों की लापरवाही और अनुबंधित बस मालिकों की मनमानी के चलते यात्रियों के जान हमेशा जोखिम में रहती है। इस तरफ न तो डिपो के अधिकारी ध्यान दे रहे और न अनुबंधित बस मालिक।
शुक्रवार को एक ऐसा ही मामला ऐरा रूट पर दिखाई दिया। लखीमपुर से ऐरा जा रही लखीमपुर डिपो की बस संख्या यूपी 31 टी 8808 के चालक ने बस संचालन के दौरान लापरवाही की सारी हदें ही तोड़ दी। डिपो से निकलने के बाद बस के नकहा कस्बे से निकलते ही चालक ने लापरवाही शुरू कर दी। पहले तो चालक ने एक हाथ से बस चलानी शुरू की फिर अपना बांया पैर निकालकर बोनट के आगे डैश बोर्ड पर रख लिया। चालक द्वारा लापरवाही से बस चलाने का सिलसिला जब काफी देर तक चलता रहा तो यात्रियों ने विरोश किया। चालक द्वारा अनुसना किए जाने पर जब यात्रियों ने प्रकरण की फोटो और वीडियो बनानी शुरू कर दी तब जाकर चालक ने ठीक से बस चलाना शुरू किया।