महेवागंज (लखीमपुर खीरी)। कस्बे में आटा व्यापारी की पत्नी रेनू गुप्ता और नौकर आरिफ की हत्या की गुत्थी सुलझाने के करीब पुलिस पहुंच चुकी है। इस दोहरे हत्याकांड के तार शहर से जुड़े होने के भी कुछ पुख्ता सुबूत पुलिस के हाथ लगे हैं। रविवार की देर शाम पुलिस हिरासत में लिए गए सभी नौकरों को लेकर आटा मिल पहुंची और मौके का सीन रिक्रिएट कराया। वहीं एक नौकर के घर के पास बस्ती में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी खंगाली। परिस्थितिजन्य साक्ष्य पति के विरोधाभाषी बयान और हिरासत में लिए गए नौकरों से पूछताछ के बाद इस दोहरे हत्याकांड को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिए जाने की बात सामने आई है।
शनिवार की शाम महेवागंज पुलिस चौकी के पास आटा व्यापारी राकेश कुमार गुप्ता की पत्नी रेनू गुप्ता (45) और नौकर आरिफ (18) की हत्या कर दी गई थी। मृतका के पति के विरोधाभाषी बयान से पुलिस का शक उस पर गहरा रहा था। पुलिस ने हिरासत में लिए गए आटा मिल के सभी छह नौकरों को लेकर जब अलग-अलग पूछताछ की तो दोहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। सूत्रों की मानें तो घटना के कुछ ही घंटे बाद पुलिस ने हत्याकांड से जुड़े तारों को पिरोना शुरू कर दिया है। शुरुआत में उल्टी दिशा में जांच करने वाली पुलिस ने अचानक अपनी जांच का रुख बदला। इस दोहरे हत्याकांड में हत्यारोपियों के तीन से अधिक लोगों के शामिल होने की पुलिस को प्रबल आशंका है। नौकरों से पूछताछ के बाद पुलिस ने क्राइम ब्रांच के सहयोग से दूसरे रोज शहर से भी कुछ लोगों को उठाया है। पुलिस इनसे किसी अज्ञात स्थान पर पूछताछ कर रही है। सूत्रों की मानें तो पूछताछ में उसे ऐसे कुछ क्लू मिले हैं, जिनसे पुलिस को घटना की तह तक जाने में मदद मिल रही है। पुलिस मृतक महिला के परिवार के एक सदस्य पर अब शिकंजा कस सकती है।
माहौल में नरमी चर्चाओं का गर्म रहा बाजार
महेवागंज। शनिवार रात आटा मिल में महिला और नौकर की हत्या के बाद माहौल को लेकर अलर्ट दिखने वाली पुलिस तीसरे रोज मिल के आसपास भी नजर नहीं आई। हालांकि घटना के तीसरे रोज सोमवार को माहौल सामान्य दिखा। आसपास की दुकानें खुली रहीं। सड़क पर चहल पहल बनी रही। वहीं दोहरे हत्याकांड के बाद से मिल पर सन्नाटा पसरा हुआ है। सोमवार को आटा मिल के मुख्य गेट में ताला लटका रहा। हालांकि दोहरे हत्याकांड पर लोगों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोग अपने कयास और अनुमान लगा रहे है।
परिवार का सहारा था आरिफ
दोहरे हत्याकांड में जान गंवाने वाला आरिफ के घर गरीबी की मार है। 65 साल के पिता सुलेमान रिक्शा चलाकर दो जून की रोटी का जुगाड़ कर परिवार चला रहे हैं। आरिफ का बड़ा भाई शमी दिव्यांग है। एक छोटी बहन शादी योग्य है। बूढ़े बाप की परेशानी देख 18 साल के आरिफ ने करीब डेढ़ माह पहले मोहल्ले में स्थित आटा मिल में मजदूरी करनी शुरू की थी। अपने बेटे के गम में रो-रोकर मां कनीज बानो की आंखें सूख चुकी हैं। सुलेमान ने रोते हुए बताया कि बेटे को शायद इस बात की भनक तक न होगी कि घर के समीप जिस आटा मिल में वह कार्य कर रहा है वही उसकी कब्रगाह बन जाएगा।
पुलिस खुलासे के करीब है। कुछ साक्ष्य और क्लू ऐसे मिले हैं, जिनकी क्रॉस जांच कर सत्यता परखी जा रही है। घटना के पीछे कारण क्या हैं, यह बात भी लगभग साफ हो चुकी है, लेकिन जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक कुछ कहना उचित नहीं है। इतना जरूर है कि हत्याकांड का सारा राज कारखाने में ही छिपा।
- विजय आनंद सीओ सिटी
महिला के करीबी पर गहराया शक
महेवागंज। आटा व्यापारी की पत्नी और नौकर की हत्या में कई अनसुलझे पहलू हैं, जिनका निचोड़ पुलिस ढूंढ रही है। अब तक की जांच और लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस को मामले में साजिश की बू आ रही है। पुलिस के शक की सुई मृतका के अपनों पर ही टिकी है। पुलिस को लगता है कि महिला की हत्या की गुत्थी अगर सुलझ गई तो पूरे हत्याकांड का राजफाश करना उसके लिए आसान हो जाएगा। मृतका के मायके से लेकर ससुराल तक की आर्थिक स्थिति काफी संपन्न है। रसूखदार और बड़े व्यापारियों में गिनती की जाती है। मामला हाईप्रोफाइल होने से पुलिस जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाना चाह रही है। हर एक बिंदु पर बारीकी से जांच कर रही है। साक्ष्यों, फॉरेसिंक रिपोर्ट और बयानों के आधार पर पुलिस का महिला के करीबी पर शक गहरा गया है।