देवबंदी और बरेलवी मसलक के लोग भिड़े, दो घायल
बिना अनुमति हो रहे दीनी जलसे में एक धर्मगुरु पर टिप्पणी पर विवाद
अमर उजाला ब्यूरो
मोहम्मदी। कोतवाली क्षेत्र के गांव मोहम्मदी सरांय में बृहस्पतिवार की रात दीनी जलसे के समापन बाद देवबंदी और बरेलवी गुटों में हुए विवाद पर दोनों पक्षों से दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने एक पक्ष की रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन दूसरे पक्ष की रिपोर्ट दर्ज न होने से उनमें खासा रोष है।
मोहम्मदी सरांय गांव में सदुल्ला ने सभी के सहयोग से बृहस्पतिवार की रात दीनी जलसे का आयोजन किया था, जिसमें तमाम देवबंदी मसलक के लोग मौजूद थे। जलसे के समापन के बाद तकरीर करके वापस जा रहे कुकरा निवासी मौलाना सगीर अशरफ कार से वापस जा रहे थे, तभी पहले से घात लगाकर मदरसे फैजुल उलूम में बैठे दो दर्जन लोगों ने मौलाना सगीर अशरफ की गाड़ी पर हमला कर दिया, जिससे उनकी कार क्षतिग्रस्त हो गई। हमले की सूचना पर दोनों पक्ष आमने सामने आ गए। बरेलवी फिरके के हनीफ खां और देवबंदी सदुल्ला जख्मी हो गए। सदुल्ला ने रात में ही घटना की सूचना यूपी 100 पर दी, जिस पर जलसा करा रहे सदुल्ला और दूसरे पक्ष के हनीफ खां को पुलिस थाने ले आई। जहां सदुल्ला को थाने में रोक लिया, जबकि बरेलवी पक्ष के हनीफ खां को अस्पताल में भर्ती कराया।
उनके सिर में चोटें आई, प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें लखीमपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस ने हनीफ खां के पुत्र शमीम खां की तहरीर सदुल्ला, कासिम, लुकमान और अब्दुल समद के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। उधर, सदुल्ला ने भी तकरीबन 10 लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने एक पक्ष की रिपोर्ट दर्ज कर ली है जबकि दूसरे पक्ष की रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
इंस्पेक्टर डीके सिंह का कहना है कि एक पक्ष की ओर से चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। घायल हनीफ खां को जिला अस्पताल रेफर किया गया। दूसरे पक्ष की ओर से आई तहरीर पर जांच की जा रही है। मामला सही पाया गया तो उनकी रिपोर्ट दर्ज कर ली जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जलसा कराने की पूर्व अनुमति नहीं ली थी।
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झगड़े की जड़-
पुलिस ने बताया देवबंदी के जलसे में एक धर्मगुरु पर टिप्पणी की गई थी, जिससे बरेलवी पक्ष के लोगों ने मस्जिद के माइक से एलान कर पूछा कि यह मामला किस किताब में दर्ज है। हवाला दिया जाए अन्यथा किसी पर बेवजह टिप्पणी न की जाए, जिससे विवाद बढ़ा।
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क्या कहते हैं लोग
उधर गांव के कुछ जिम्मेदार लोग बताते है कि गांव में देवबंदी बरेलवी का कोई झगड़ा नहीं है। दीन के पीछे कोई नहीं लड़ रहा है। केवल नाक की लड़ाई है। मालूम हो कि गांव में मेबाती और पठान के बीच नाक की लड़ाई कई वर्षों से चल रही है।