सराफ के साथ हुई लूट डकार गई पुलिस
कार में मिर्च स्प्रे कर लूटा था जेवर से भरा बैग
नौ सितंबर की सुबह ओवरब्रिज के पास हुई थी घटना
14 दिन बीते, पुलिस ने नहीं लिखी रिपोर्ट
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अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। लूट, चोरी, रेप आदि की बड़ी वारदातों को छिपाने वाली जिले की पुलिस की एक बार फिर पोल खुल गई। नौ सितंबर की सुबह करीब साढ़े 11 बजे बाइक सवार दो लुटेरों ने हीरालाल धर्मशाला चौराहा के पास निघासन के सराफ की कार में मिर्च का स्प्रे कर उसमें रखा बैग लूट लिया था। बैग में डेढ़ तोला सोना और 650 ग्राम पुरानी चांदी थी। पुलिस पूरी घटना ही पचा गई। खास बात यह है कि लुटेरे ओवरब्रिज के नीचे बैठे ट्रैफिक होमगार्डों के सामने से ही होकर भाग निकले। पुलिस ने लुटेरों की सीसीटीवी फुटेज निकलवाई और उनकी तलाश भी की। फिर भी 14 दिन बीतने के बाद भी पुलिस रिपोर्ट दर्ज करना तो दूर लुटेरों की पहचान तक नहीं कर सकी है।
कसबा व थाना निघासन निवासी रामू सोनी ने बताया कि उनकी निघासन कस्बे में सोने-चांदी की दुकान है। नौ सितंबर की सुबह वह नौ वर्षीय पुत्र हरिओम को लेकर दवा दिलाने अपनी कार से लखीमपुर आया था। हीरालाल धर्मशाला के पास जब वह पहुंचे तभी बाइक पर सवार दो युवकों ने कार रोकने का इशारा किया। इस पर उन्होंने मस्जिद के पास कार रोक दी। कार रोकते ही एक युवक ने कार में मिर्च का स्प्रे कर दिया। वह कुछ समझ पाते, इससे पहले ही लुटेरे कार में रखा बैग लूटकर ओवरव्रिज की ओर भाग निकले। शोरशाराबा होने पर जब तक आसपास के लोग आते, दोनों बदमाश आंखों से ओझल हो चुके थे। उन्होंने बताया कि बैग में डेढ़ तोला पुराना सोना, 650 ग्राम पुरानी चांदी थी। उन्होंने घटना की लिखित तहरीर पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आसपास के दुकानों से सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में दो बदमाश बैग लूटकर जाते हुए कैद भी हो गए। बदमाशों की उन्होंने पुलिस को फुटेज भी उपलब्ध कराई। वह बताते हैं कि डीएम-एसपी को भी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन इसके बाद भी 14 दिन बीत गए। पुलिस ने न तो रिपोर्ट दर्ज की और न ही बदमाशों का पता लगा सकी है। व्यापारी ने बताया कि वह घटना के बाद से एसपी से लेकर कोतवाली के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है।
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ट्रैफिक होमगार्ड सक्रिय होते तो पकड़े जाते लुटेरे
हीरालाल धर्मशाला के पास ओवरब्रिज के नीचे पुलिस बूथ है। अत्यधिक व्यस्त चौराहा होने के कारण इस प्वाइंट पर ट्रैफिफ के होमगार्ड और सिपाही तैनात रहते हैं। जिस समय घटना हुई। उस वक्त होमगार्ड वहां मौजूद थे। लुटेरे होमगार्डों के पास से ही बाइक से चले गए। यदि होमगार्ड सक्रिय होते और शोर होने पर बाइक रोक लेते तो लुटेरे पकड़े जा सकते थे।
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ओवरब्रिज पर लगा सीसीटीवी कैमरा है खराब
ओवरब्रिज के नीचे पुलिस बूथ के ऊपर सीसीटीवी कैमरा लगा है। बताते हैं कि यह कैमरा काफी समय से खराब है। यदि यह कैमरा चालू होता तो लुटेरों की तस्वीर और साफ कैद होती।
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मुझे घटना की जानकारी नहीं है। कोतवाल से मामले की जानकारी करेंगे। यदि घटना हुई है और तहरीर दी गई है तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
आरके वर्मा, सीओ सिटी