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सीओ दफ्तार से अखिलेख गबन मामले में फंसा एचसीपी

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सीओ दफ्तार से अखिलेख गबन मामले में फंसा एचसीपी
एसपी के आदेश पर सदर कोतवाली में दर्ज हुई रिपोर्ट
हरदोई के थाना माधौगंज में तैनात है आरोपी एचसीपी
अमर उजाला ब्यूरो

लखीमपुर खीरी। सीओ सदर की पेशी से गायब हुए तीन साल के दैनिक अभियोग, अंतिम रिपोर्ट और आरोप पत्र के मामले में सीओ सदर की पेशी में तैनात सिपाही भुवनेश कुमार सक्सेना कानून के शिकंजे में फंस गए हैं। सीओ धौरहरा की जांच में सिपाही को दोषी पाया गया है।
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वर्ष 2013 में सिपाही भुवनेश कुमार सक्सेना सीओ सदर की पेशी में तैनात थे, जो थाना खीरी और सदर कोतवाली के आरोप पत्र और अंतिम रिपोर्ट अदालत लाते-ले जाते थे। वर्ष 2013 में सिपाही भुवनेश कुमार सक्सेना न्यायालय में दाखिल करने के लिए 2011, 2012 और 2013 की अभियोग दैनिकी के साथ थाना खीरी और सदर कोतवाली की अंतिम रिपोर्ट व आरोप पत्र न्यायालय ले गये थे। इसके बाद से अभिलेख गायब हो गए। मामला संज्ञान में आने पर तात्कालिक एसपी ने 22 सितंबर 2015 को इस मामले की जांच सीओ धौरहरा मनोज कुमार यादव को सौंपी। दर्ज रिपोर्ट के अनुसार रजिस्टर में सिपाही ने अभिलेख न्यायालय ले जाना हस्तलिखित अंकित किया है, परंतु जेड रजिस्टर में इसका कोई चालान चस्पा नहीं है और न ही न्यायालय में प्राप्त कराया गया है। सीओ धौरहरा मनोज कुमार यादव की जांच में आरक्षी भुवनेश कुमार सक्सेना की लापरवाही और अभिलेखों का रख रखाव सही ढंग से न करने की बात सामने आई। जांच रिपोर्ट में सिपाही को अभिलेखों के गायब होने के मामले में दोषी करार दिया गया है। जांच अधिकारी ने कुल 22 पन्ने की रिपोर्ट एसपी को सौंपी है। एसपी के आदेश पर पुलिस ने आरक्षी भुवनेश कुमार सक्सेना के खिलाफ धारा 409 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। आरोपी वर्तमान में हरदोई जिले के थाना माधोगंज में हेड कांस्टेबल प्रोन्नत पद पर तैनात है। सदर कोतवाल अशोक कुमार पांडेय ने बताया कि मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। विवेचना शुरू कर दी गई है।
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