पिछले साल एक सूदखोर ने अपने कर्ज की अदायगी के लिए कोतवाली क्षेत्र के गांव सोहरिया निवासी कपिल वर्मा का 20 बीघा गन्ना काटकर बेच लिया था। इस साल भी एक सूदखोर दिए गए कर्ज के ब्याज के बदले उसका गन्ना काटने की धमकी दे रहा था। इससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान था। मृतक के बेटे अनुराग के काफी रात में लखनऊ से घर पहुंचने के कारण पुलिस ने गुरुवार की सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया है।
कोतवाली क्षेत्र के सोहरिया गांव निवासी कपिल वर्मा(45) ने बुधवार को अपनी ही बाग में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिवारवालों का कहना था कि कपिल पर सूदखोरों का करीब 20 लाख रुपये का कर्ज था। सूदखोरों के तकादे से परेशान होकर कपिल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूत्रों की माने तो गांव के ही एक सूदखोर का कपिल वर्मा पर करीब सात लाख रुपये का कर्ज था। पिछले साल इस सूदखोर ने ब्याज में मृतक किसान का बीस बीघा गन्ना जबरन काट लिया था। इस साल भी वह गन्ना काटने की धमकी दे रहा था। इधर कई सालों से गन्ना की पैदावार अच्छी न होने से बैंकों का ब्याज भी बढ़ता चला जा रहा था। इससे वह काफी परेशान रहता था। उधर एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी गांव पहुंचे। परिवार वालों से घटना के बावत जानकारी ली। मृतक किसान के कर्ज खातों की पड़ताल की। ग्रामीणों के भी बयान लिए। एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी ने मृतक किसान पर चार लाख छह हजार रुपये का इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक शाखा जटपुरवा और करीब डेढ़ लाख रुपये साधन सहकारी समित रमियाबेहड़ का कर्ज होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि किस सूदखोर का कितना कर्ज था। इसकी अभी पड़ताल चल रही है। उन्होंने बताया कि गांव सोहरिया, मल्लबेहड और दुलही गांव में मृतक किसान के नाम करीब 40 बीघा जमीन और ट्रैक्टर भी है ।
बेटा बोला, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद दूंगा तहरीर
धौरहरा। मृतक किसान कपिल वर्मा का पुत्र अनुराग स्नातक का छात्र है। उसे यकीन नहीं हो रहा है कि उसके पिता ने आत्महत्या की है। छात्र अनुराग ने पिता के साथ अनहोनी की आशंका जताई है। उसने बताया कि उसके चाचा विनोद वर्मा की 15 साल पहले हत्या हो चुकी है। कहीं किसी ने पिता की भी हत्या तो नहीं की है। वह लखनऊ में पढ़ता है। उसे नहीं पता किसका कितना कर्ज उसके पिता पर था। उसने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद तहरीर देने की बात कही है।