बंगलुरू से कमाई कर लौटे चार युवकों को एसएसबी जवानों ने रोककर उनका बैग चेक किया और लाखों की नकदी देख वह सभी को कैंप ले आए। आरोप है कि कैंप में एक युवक से मोबाइल और उसका बैग छीन लिया और सभी को मार पीटकर भगा दिया। पीड़ित ने एसपी को पत्र भेजकर छह लाख 33 हजार रुपये और मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है। वहीं एसएसबी के इंस्पेक्टर जयंत बोरा ने बताया कि दो लाख 82 हजार रुपये की संदिग्ध रकम बरामद होने पर उसका सीजर बनाकर स्थानीय पुलिस को भेज दिया है।
नेपाल के हसनपुर धनगढ़ी निवासी बीर बहादुर ने एसपी को भेजे शिकायती पत्र में बताया है कि वह अपने भांजे सुमन और रोम नरायन के साथ बंगलुरू से कमाकर सोमवार की शाम को घर लौट रहे थे। वह बॉर्डर स्थित गांव बंदर भरारी के पास बस से जैसे ही उतरे, तभी एसएसबी के दो जवान आ गए और उनका सामान सहित बैग चेक करने लगे। आरोप है कि बैग में छह लाख तैंतीस हजार रुपये थे। पैसा देखते ही एसएसबी के जवानों ने उन लोगों को मारना-पीटना शुरू कर दिया। गोली मार देने की धमकी देने लगे, जिससे घबराकर सुमन और रोम नारायन भाग गए जबकि वीर बहादुर के न भागने पर जवान उसे कैंप ले आए और उसकी तलाशी लेकर उसका मोबाइल ले लिया और उसे भगा दिया। सुबह जब नेपाली युवक अपने साथियों के साथ रुपये लेने आए तो उन्होंने कोई भी पैसा पकड़ने से साफ इंकार कर दिया। इधर एसएसबी के इंस्पेक्टर जयंत बोरा ने इस बावत बताया कि टीम गश्त कर रही थी तभी कुछ नेपाली लोग निकल रहे थे जो एसएसबी को देखकर बैग छोड़कर भाग गए। बताया कि बाद में तलाशी लेने पर बैग में दो लाख बयासी हजार रुपये की नकदी निकली है, जिसका सीजर बनाकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया जायेगा।
एक सप्ताह पूर्व भी व्यापारी से ले चुके हैं पैसा
एक सप्ताह पूर्व भी एसएसबी सूंडा के जवानों ने यहीं के व्यापारी रमेश गुप्ता से दो लाख पच्चास हजार रुपये ले लिए थे और उन्हें धमकी देकर भगा दिया था। हालांकि बाद में व्यापारियों के हस्तक्षेप के बाद व्यापारी के पैसे वापस कर दिए गए थे। यह मामला भी क्षेत्र में काफी चर्चा का विषय बना था।
पलिया तहसील दिवस में आया था, जहां दो लाख 82 हजार रुपये की संदिग्ध रकम एसएसबी द्वारा पकड़े जाने की जानकारी मिली है। थाने पहुंचकर मामले की जांच करुंगा। पीड़ितों की बात सुनने और मामला सही होने पर उनकी नकदी दिलवाई जाएगी।
नितीश भारदाज, प्रभारी कोतवाल-चंदनचौकी