फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मानव रहित रेल क्रासिंग पर सुपरफास्ट ट्रेन की चपेट में आई डीसीएम, डीसीएम चालक की मौत।

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
उचौलिया (लखीमपुर खीरी)। रोजा-सीतापुर रेल प्रखंड पर पड़रा सिकंदरपुर मानवरहित रेल क्रासिंग पर रविवार सुबह साढ़े सात बजे दिल्ली से मोतिहारी बिहार जा रही चंपारण सत्याग्रह एक्सप्रेस की चपेट में डीसीएम आ गई, जिससे डीसीएम चालक की मौके पर मौत हो गई। हादसे में ट्रेन के इंजन को क्षति पहुंचने से करीब चार घंटे बाद रवाना हुई। हादसे के बाद सीतापुर पैसेंजर पिछले स्टेशन पर ही रोक दिया गया। सूचना पाकर रेलवे के अधिकारी, पुलिस और आरपीएफ मौके पर पहुंच गई।
रोजा जंक्शन से सीतापुर ब्रांच रेल लाइन पर पड़रा-सिकंदरपुर मार्ग स्थित मानव रहित रेल क्रासिंग पर रविवार सुबह करीब साढ़े सात बजे एक डीसीएम रेल ट्रैक पार कर रही थी। इसी दौरान दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल से मोतिहारी जा रही सुपरफास्ट 14010 डाउन चंपारण सत्याग्रह एक्सप्रेेस की चपेट में डीसीएम आ गई। ट्रेन की टक्कर से डीसीएम खाई में जा गिर। डीसीएम चालक बदायूं के गांव मिलकपुर निवासी लालू यादव की ट्रैक पर गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। डीसीएम से टकराने के बाद ट्रेन का इंजन करीब दो सौ मीटर आगे जाकर रुका। डीसीएम चालक का शव ट्रेन के नीचे आ गया। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण काफी संख्या में मौके पर पहुंच गए।
विज्ञापन

इस दौरान पुलिस को हादसे की सूचना दी गई। घटना से करीब एक किमी दूरी पर स्थित गुर्री चौकी से मौके पर कोई पुलिसकर्मी नहीं पहुंचा। आधे घंटे बाद मौके पर रोजा एसओ हरेंद्र सिंह और उचौलिया चौकी प्रभारी शिवकुमार सिंह भी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। इसके बाद मौके पर आरपीएफ रोजा चौकी प्रभारी नरेंद्र मलिक पहुंचे। ट्रेन के गार्ड राहुल कुमार सक्सेना ने बताया कि हादसे के बाद उन्होंने इसकी सूचना कंट्रोल रूम मुरादाबाद को दे दी। उन्होंने बताया कि ट्रेन करीब एक घंटा लेट थी। सभी यात्री सुरक्षित हैं।
00000000000000000
इंजन बदलने के बाद रवाना हुई ट्रेन
ट्रेन पायलट दिनेश कुमार मिश्रा ने बताया कि वह मुरादाबाद से ट्रेन लेकर चला था। सुबह 7 बजकर 25 मिनट पर पड़रा सिकंदरपुर रेल क्रासिंग पर पहुंचने पर अचानक उनकी दाहिनी ओर से डीसीएम आ गई। आगे पुलिया का कॉशन होने के कारण ट्रेन की गति 40 किलोमीटर थी। हादसे से इंजन का डंपर क्षतिग्रस्त हो गया और हौज पाइप टूट गया, जिससे ट्रेन को आगे ले नहीं ले जाया जा सकता। करीब ढाई घंटे बाद मौके पर दूसरा इंजन भेजा गया। तब इंजन बदलकर ट्रेन को 11 बजे वहां से रवाना किया गया। इस दौरान शाहजहांपुर-सीतापुर पैसेंजर ट्रेन भी साढ़े तीन घंटे लेट हो गई।
0000000000000
डीसीएम लेकर दिल्ली जा रहा था लालू
डीसीएम चालक लालू यादव शनिवार शाम को पड़रा सिकंदरपुर में अपने साढ़ूू राधेश्याम के घर गया था। हादसे के बाद मौके पर पहुंची लालू की पत्नी नन्ही देवी ने बताया कि लालू शनिवार को सीतापुर में माल उतारकर आया था। इसी दौरान दूसरी जगह का माल लोड करने के लिए फोन आने पर रविवार की सुबह डीसीएम लेकर दिल्ली जा रहा था। इस दौरान घर से कुछ ही दूरी पर रेल क्रासिंग पर हादसा हो गया। उसने बताया कि उसके एक बेटा और दो बेटी हैं। हादसे के बाद मौके पर रोजा पीडब्ल्यूआई धर्मनाथ, जेई एसटी सुनील कुमार, टीआई श्रीकांत आदि रेलकर्मी मौके पर पहुंचे।
00000000000
क्रासिंग पर संविदा कर्मी है पर बैठने की सुविधा नहीं
उचौलिया। पड़रा सिकंदरपुर मानव रहित रेल क्रासिंग पर यातायात रोकने के लिए संविदा कर्मी तैनात है, लेकिन उसके बैठने तक की सुविधा नहीं है। इसी तरह से रोजा से उचौलिया तक चार संविदाकर्मी और सीतापुर तक 32 संविदाकर्मी तैनात हैं। मगर रेलवे ने इनके बैठने तक की भी व्यवस्था नहीं की है।
विज्ञापन

रेलवे ने मानवरहित रेल क्रासिंग पर हादसों को रोकने के लिए गेट लगाने की बजाय ठेकेदार के द्वारा कर्मचारियों को तैनात कर रखा है। रोजा से उचौलिया तक करीब 12 किमी की दूरी में रेलवे ने चार मानवरहित रहित रेल क्रासिंग पर कर्मचारियों को तैनात किया है। संविदाकर्मी ने बताया कि डीसीएम चालक को रोकने के बावजूद वह नहीं रुका, जिससे हादसा हो गया। इन कर्मियों को महीने में महज साढ़े चार हजार रुपये मिलते हैं। क्रासिंग पर बैठने के लिये भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। कर्मचारी ने बताया कि रात में ड्यूटी करने वाले को तो बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें