लखीमपुर खीरी/मोहम्मदी।
कोतवाली में दर्ज धोखाधड़ी के मामले के एक आरोपी को दो साल बाद दिल्ली से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी ने विदेश में नौकरी दिलाने और वीजा के नाम पर एक व्यक्ति से 20 लाख रुपये की ठगी की थी।
पुलिस के अनुसार मोहम्मदी कोतवाली में सात सितंबर 2015 को कोतवाली क्षेत्र के गांव बौआं निवासी सतनाम सिंह ने दिल्ली के राजवीर सिंह के नाम धारा 406 और 420 आईपीसी के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसकी विवेचना तत्कालीन एसएसआई तौफीक खान को सौंपी गई थी। मामले में विवेचक ने एफआर लगाकर अपने कर्त्तव्य की इतिश्री कर ली थी। वादी ने इस मामले में कई बार दोबारा विवेचना की गुहार लगाई थी, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में दफन रहा।
जब यह मामला एसपी डॉ. एस चन्नपा के संज्ञान में आया तो उनके आदेश पर कोतवाली पुलिस सक्रिय हुई थी। वादी का कहना है कि आरोपी राजवीर सिंह से उसकी जान पहचान इंटरनेट के माध्यम से हुई, उसने वीजा किंग नामक बेवसाइट से उससे संपर्क किया तो उसने कनाडा में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। बदले में आरोपी ने वादी से 13.50 लाख की मांग की और पश्चिम बंगाल स्थित बैंक एकाउंट का नंबर बताया। वादी का कहना है कि शेष पैसा दिल्ली में उसने नकद दिया था।
सतनाम सिंह ने बताया कि उसने पौने तीन एकड़ जमीन बेचकर पैसा दिया था। आरोपी ने उसका दिल्ली में मेडिकल भी कराया और हवाई अड्डे पर पहुंचने को कहा। जब वह हवाई अड्डे नहीं पहुंचा तो उसे शक हुआ। उसने फोन पर संपर्क किया तो उसका फोन स्वीच ऑफ मिला। हारकर उसने मोहम्मदी कोतवाली में 7 सितंबर 2015 को मुकदमा दर्ज कराया था।
प्रभारी निरीक्षक डीके सिंह ने एसपी के निर्देश पर इस मामले की दोबारा विवेचना एसएसआई उमेश्वर प्रसाद यादव को सौंपी। श्री यादव ने आरोपी राजवीर सिंह को दिल्ली के थाना बदरपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मदी की अदालत में 16 नवंबर 2017 को पेश किया। कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस टीम में एसएसआई उमेश्वर प्रसाद यादव के अलावा आरक्षी अंकुर तिवारी, अजयदीप सिंह, पंकज शामिल रहे।