जंगबहादुरगंज (लखीमपुर खीरी)। पसगवां कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रामपुरग्रंट में दो पक्षों में विवाद से दहशत है। प्रकरण मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच चुका है। दहशत के कारण गांव पीएसी छावनी में तब्दील रहा।
बताया जाता है कि यूं तो दोनों पक्षों में रंजिश पुरानी है। एक पक्ष की मदद दूसरे जनपद में तैनात उच्च प्रशासनिक अधिकारी कर रहे हैं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के विरुद्ध कई-कई मुकदमे दर्ज कराए हैं। एक पक्ष के व्यक्ति पर 26 जून को शादी समारोह में शामिल होने जा रही 14 वर्षीय बालिका को वाहन से खींचकर छेड़छाड़ करने का आरोप है। उसी पक्ष ने 27 जून को प्रीतिभोज के दौरान गाली गलौज और फायरिंग करने के आरोप में दो मुकदमे विपक्षियों के विरुद्ध दर्ज कराए। इसके बाद गांव में दहशत फैल गई। सुरक्षा के लिए 30 जून को गांव में पीएसी तैनात कर दी गई। पीएसी 08 जुलाई तक गांव में रही लेकिन अधिकारी के हस्तक्षेप से पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर सकी। हालांकि पुलिस ने नामजदों की गिरफ्तारी का प्रयास किया, वहीं दूसरे पक्ष ने उचौलिया के पूर्व पुलिस चौकी प्रभारी सहित नौ लोगों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया। जिससे पुलिस बैकफुट पर आ गई। एक पक्ष का कहना है कि अधिकारी पुलिस पर दबाव बनाकर उनके विरुद्ध फर्जी मुकदमा दर्ज करा रहा है। अब पीड़ित लोग लखनऊ जाकर अधिकारी का काला चिट्ठा सीएम के सामने खोलेंगे। फिलहाल गांव में दहशत व्याप्त है।