लखीमपुर खीरी।
गांव में छप्पर चढ़ाने से नाराज होकर दलित गांववासियों पर गोली चलाने के मामले में अपर जिला जज ने तीन हमलावरों को दस-दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर बीस-बीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी कफील अहमद अंसारी ने बताया कि ईसानगर थाना क्षेत्र के ग्राम खमरिया खुर्द निवासी कालिका प्रसाद 15 फरवरी वर्ष 99 को गांव में छप्पर चढ़ा रहा था, उसके परिवारवाले छप्पर चढ़ाने में मदद कर रहे थे। इसी बीच गांव के श्यामलाल ने जमीन अपनी बताते हुए विवाद शुरू कर दिया। इसी बीच नाराज होकर श्यामलाल गालियां देने लगा ऐतराज करने पर बातचीत बढ़ गई। इसी दौरान श्यामलाल, रामनरायन, राधे, शत्रोहन, श्यामलाल आदि लोग तमंचा लेकर आ गए और धावा बोल दिया। हमलावरों ने छप्पर चढ़ा रहे कालिका प्रसाद, राममनोहर, छोटकऊ, मैकू, रामकुमार और शांतिदेवी को ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए घायल कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने श्यामलाल, रामनरायन, राधे और शत्रोहन के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अदालती सुनवाई के दौरान कालिका प्रसाद, राममनोहर, छोटकऊ, कालिका, मैकू, रामकुमार और शांतिदेवी के साथ ही कांस्टेबिल सुरेश पाल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और डॉ. पीके गंगवार ने अपनी गवाही दी थी। लंबी सुनवाई के दौरान ही श्यामलाल की मौत हो गई। अदालत ने सुनवाई के बाद राधे, शत्रोहन और रामरायन को दोष सिद्ध पाते हुए दस-दस वर्ष के कठोर कारावास और 20-20 हजार रुपया जुर्माना की सजा सुनाई है।