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युवक की मौत से भड़के लोगों का जिला अस्पताल में हंगामा

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युवक की मौत से भड़के लोगों का जिला अस्पताल में हंगामा - फोटो : लखीमपुर खीरी, अमर उजाला
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लखीमपुर खीरी।
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डॉक्टर द्वारा युवक को मृत घोषित करने के बाद युवक के साथ आए लोगों ने गलत दवाई देने से मौत होने का आरोप लगाते हुए शनिवार आधी रात जिला अस्पताल की इमरजेंसी में जमकर हंगामा किया। डॉक्टर से अभद्रता की और फार्मासिस्ट सहित कई लोगों को दौड़ाकर हाथापाई की। इससे अस्पताल में भगदड़ मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। उधर रविवार को घटना से गुस्साए कई डॉक्टर और कर्मचारी सदर कोतवाली पहुंचे। कोतवाल से वार्ता कर घटना की तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने डॉक्टर की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
शहर से सटे गांव राजापुर निवासी रामदुलारे वर्मा के पुत्र छत्रपाल(35) की शनिवार को तबीयत खराब हो गई। परिवारवाले रात करीब 10.15 बजे उसे लेकर जिला अस्पताल की ओपीडी में आए और दवा लेकर चले गए। इसके बाद रात करीब एक बजे परिवारवाले दोबारा छत्रपाल को बेहोशी की हालत में लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। जहां पर आकस्मिक चिकित्साधिकारी डॉ. एसके सिंह ने छत्रपाल को मृत घोषित कर दिया। इस पर साथ आए लोग उत्तेजित हो गए और बवाल करना शुरू कर दिया। डॉक्टर के साथ जमकर अभद्रता की। डॉक्टर ने इमरजेंसी से भागकर अपनी जान बचाई। हमलावरों ने फार्मासिस्ट अशोक कुमार कन्नौजिया समेत कई लोगों के साथ हाथापाई की। इससे अस्पताल में भगदड़ मच गई।
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हंगामा कर रहे लोगों का आरोप था कि जिला अस्पताल की दवा खाने के बाद छत्रपाल की हालत बिगड़ी, जिससे उसकी मौत हो गई। बवाल की सूचना पर सदर कोतवाल दीपक शुक्ल फोर्स के साथ जिला अस्पताल पहुंचे और लोगों को समझा-बुझाकर किसी तरह से शांत कराया। शव को मोरचरी में रखवा दिया। सुबह परिवारवालों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। इस पर पुलिस ने पंचायतनामा भरकर शव परिवारवालों को सौंप दिया।
घटना के बाद से जिला अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों में रोष है। रविवार को कई डॉक्टर और कर्मचारी सदर कोतवाली पहुंचे। सदर कोतवाल को तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। तहरीर में आरोपियों पर ओपीडी में घुसकर मारपीट करने, जान से मार देने की धमकी देना और राजकीय अभिलेख उठाकर बाहर ले जाकर नष्ट करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। सदर कोतवाल दीपक शुक्ल ने बताया कि आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके सिंह की तहरीर पर सचिन और कन्हैया को नामजद कर कई अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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रोगी छत्रपाल शनिवार रात करीब 10.15 बजे इमरजेंसी की ओपीडी में आया था। उसने गले में दर्द, खराश व लार निगलने में परेशानी बताई थी। साथ ही पूर्व में चल रहे इलाज के पर्चे दिखाए थे। रोगी को देखने के बाद मैने उसे भर्ती होने की सलाह दी थी, लेकिन रोगी भर्ती नहीं होना चाहता था। उसके कहने पर दवा देकर नमक के पानी के साथ गरारे की सलाह दी थी। इसके बाद रोगी घर चला गया था।
डॉ. एसके सिंह, ईएमओ, जिला अस्पताल
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