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खूनी बाघ सरकारगढ़ पहुंचा, दहशत बढ़ी

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ममरी (लखीमपुर खीरी)।
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घमहाघाट स्थित सरदार जोगा सिंह के झाले से लेकर सुंदरपुर, अयोध्यापुर, लछिमनपुर गांव के पास गन्ने के खेतों में दो सप्ताह से घूम रहा खूनी बाघ अब पांच किलोमीटर दूर गांव सरकारगढ़ के पास आ पहुंचा है। बाघ के पदचिन्ह मिलने से क्षेत्रवासियों में दहशत है। वनकर्मियों ने गांववालों से सतर्क रहने को कहा है।
सरकारगढ़ गांव के शान मोहम्मद, शमीम खां, ठाकुर प्रसाद आदि ने बताया कि शुक्रवार सुबह गांव के दक्षिण के खेतों में बाघ के पदचिह्न मिलने से सेखबापुर, सरकारगढ़, जमुनहां के ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना पाते ही बाघ की निगरानी में लगे फारेस्टर ब्रजेश सिंह, जेपी वर्मा, नेता रामप्रसाद, बेचेलाल, अमित कुमार की टीम मौके पर पहुंची और पग चिन्हों का निरीक्षण कर बाघ की मौजूदगी की पुष्टि की।
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वनकर्मियों के अनुसार यह वही बाघ हो सकता है जिसने 27 अगस्त को घास काटने गए पसियापुर के नरायनलाल को अपना निवाला बनाया था। इसी बीच बाघ की तस्वीरें देवीपुर बीट के घमहाघाट पर कठिना नदी के पास लगे चारों सीसी टीवी कैमरों में कैद हुई हैं। अनुमान है कि बाघ घमहाघाट से इधर आ गया होगा।
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रेंजर एसएन यादव ने भी बाघ होने की पुष्टि की है। बताया कि वन कर्मियों की टीम तमाम ग्रामीणों के साथ घमहाघाट के पास डेरा डाले है। बाघ निगरानी टीम को चमका देकर चला आ रहा है।
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