गांव मियांपुर में उत्तराखंड से आए एक युवक ने ग्रामीणों को केंद्र सरकार की योजनाओं का झांसा दिया और जाते समय 15 सौ रुपये ले गया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि युवक ने उसे फोटो कापी कराने के लिए भेजा और मौका पाकर उसकी नाबालिग पुत्री को भी ले गया।
कोतवाली क्षेत्र के गांव मियांपुर निवासी मदनदास ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि
उसके गांव में 27 नवंबर 2015 को उत्तराखंड के जनपद उधमसिंहनगर के थाना दिनेेशपुर गांव अमृतपुर निवासी सुकुमार उर्फ विजय मंडल पुत्र शैलेंद्र आया और उसने स्वयं को दिल्ली में विकलांग विभाग का सुपरवाइजर बताते हुए गांव में केंद्र सरकार द्वारा गरीब और विकलांगों को शादी आदि में अनुदान दिलाने की बात बताई।
मदनदास का यह भी कहना है कि विश्वास हो जाने पर सुकुमार को घर में रखा और ग्रामीणों को भी योजना से अवगत करवाया। उसने गांव के कई लोगों से डबल आईडी और फोटो भी लिए। उसका यह भी आरोप है कि गत 7 दिसंबर को उसने पुत्री की शादी के लिए अनुदान दिलाने की बात कही और पुत्री को डीएम के सामने पेश कराने के लिए लखीमपुर लेकर चलने को कहा जब वह पुत्री को लेकर मोहम्मदी बस अड्डे पर आया तो सुकुमार ने उससे 15 सौ रुपये लेकर आईडी की फोटो कापी कराने भेज दिया। जब वह वापस आया तो उसकी नाबालिग पुत्री और सुकुमार दोनों गायब थे। पीड़ित ने घटना की सूचना एसपी को देकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।