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साथी नौकर और मालकिन को लोहे की राड से पीटकर मारा था पप्पू ने

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लखीमपुर खीरी। महेवागंज स्थित आटा कारखाने में शनिवार की रात हुए दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर सिंगारपुर निवासी नौकर पप्पू गुप्ता को दोनों हत्याओं का एकमात्र दोषी पाया है। पुलिस के मुताबिक अभियुक्त पप्पू गुप्ता ने मालकिन रेनू गुप्ता के साथ जबरदस्ती की कोशिश कर रहे नौकर आरिफ को लोहे की राड से हमला करके हत्या कर दी। इसके बाद मालकिन को भी मार डाला। मालकिन की हत्या के पीछे राजफास होने का डर को कारण बताया है, जबकि नौकर आरिफ की हत्या मालकिन को उसके चंगुल से बचाने के लिए की गई। दोनों हत्याएं एक ही अभियुक्त पप्पू ने की या फिर कुछ और लोग शामिल थे। इसका जवाब एएसपी घनश्याम चौरसिया नहीं दे सके। वहीं हत्या के असल कारणों पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। एक तरह से पुलिस की खुलासे वाली कहानी में कई झोल नजर आ रहे हैं, जिससे यह खुलासा लोगों के गले नहीं उतर रहा है। हालांकि एएसपी ने अभी विवेचना जारी होने की बात कहकर कुछ और राज बाहर लाने की बात कही है।
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पुलिस लाइन सभागार में दोहरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए एएसपी घनश्याम चौरसिया ने बताया कि 12 मार्च 2019 को प्रभारी निरीक्षक फतेह सिंह को सूचना मिली कि दोहरे हत्याकांड से संबंधित अभियुक्त भागने के लिए रोडवेज बसअड्डे पर खड़ा बस का इंतजार कर रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने रात करीब 1.15 बजे रोडवेज बसअड्डे से पप्पू गुप्ता निवासी सिंगारपुर महेवागंज को गिरफ्तार कर लिया। उससे गहनता से पूछताछ की गई, तो उसने मालकिन रेनू गुप्ता और नौकर आरिफ के कत्ल की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पप्पू की निशानदेही पर उल्ल नदी के निकट बने मंदिर के पास झाड़ियों से लोहे की राड और खून के धब्बे लगी जैकेट बरामद की गई। एएसपी ने बताया कि शनिवार की शाम करीब सात बजे ड्यूटी खत्म होने के बाद पप्पू कारखाने से चला गया, फिर उसने ठेके पर जाकर शराब पी। इसके बाद वह वापस कारखाने आया, जहां बेडरूम से कुछ आवाजें आती पप्पू ने सुनीं। इस पर पप्पू ने अंदर झांक कर देखा तो बेडरूम में नौकर आरिफ जबरन मालकिन रेनू से गुत्थमगुत्था कर रहा था। यह देख गुस्से से आग बबूला हुए पप्पू ने मालकिन को बचाने के लिए लोहे की राड से आरिफ के सिर पर कई प्रहार किए, जिससे वह मरणासन्न हो गया। इस दौरान घबराई मालकिन कारखाने में छिप गई, तो पप्पू ने लोहे की राड से उस पर भी कई प्रहार किए जिससे वह बेहोश होकर गिर गई। इसके बाद रस्सी से मालकिन का गला घोंट दिया, फिर शव को आटे की बोरियों के नीचे छिपा दिया। दोनों की हत्या करने के बाद पप्पू अपने घर चला गया। फिलहाल लूट की बाबत कोई बरामदगी न कर पाने और कई ऐसे अनसुलझे सवालों का जवाब न देने पाने के कारण पुलिस की कहानी में झोल ही झोल नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि परिवार वाले पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट हैं।

पुलिस के खुलासे पर परिवार वालों ने उठाए सवाल
लखीमपुर खीरी। कोतवाल सदर की पुलिस चौकी और कसबा महेवागंज में हु्ई रेनू गुप्ता और उनके नौकर आरिफ की बीती नौ मार्च की रात हुई हत्या का पुलिस ने भले ही खुलासा करते हुए आरोपी पप्पू का चालान कर दिया है, लेकिन मृतका की बेटी और भाई ने इस खुलासे को फर्जी बताया है। उन्होंने खुलासे पर कई सवाल उठाते हुए मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। साथ ही कहा है कि वह जल्द ही मामले में मुख्यमंत्री से मिलेंगे और पुलिस के रवैये की बाबत बताएंगे।
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मृतका के भाई और कांग्रेस के मोहम्मदी नगर अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्त और बेटी अपराजिता राकेश का कहना है कि पुलिस का कहना है कि पप्पू ने ही दोनों की हत्या की है। अकेले नौकर ने तीस मिनट में ही लूट और हत्या की वारदाता को कैसे अंजाम दे दिया। यदि उसने अकेले दोनों की हत्या की तो मौके पर संघर्ष के कोई निशान क्यों नहीं मिले? उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि बहन की लाश छिपाकर बोरियों के पीछे दबाई गई थी। आखिर एकमात्र हत्यारोपी ने दो हत्याएं कीं तो एक की लाश क्यों छुपाई और दूसरे की खुली क्यों छोड़ दी? घटनास्थल से करीब दस-12 लाख के जेवर और नकदी लूटी गई। आखिर जेवर या नकदी में से कुछ भी बरामदगी क्यों नहीं हुई? पुलिस ने खुलासे में कहा है कि आरोपी ने बताया कि उसने रेनू की हत्या लोहे के रॉड से सिर पर प्रहार करके की थी? तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या करना क्यों बताया गया? फिर इतनी बड़ी वारदात को उसने कैसे अंजाम दे डाला, क्योंकि ऐसे में दूसरा जरूर भाग निकलता।

घटना से पहले अलमारी में संभालकर ज्वेलरी रखी थी
मृतका की बेटी अपराजिता राकेश का कहना है कि घटना के एक दिन पहले ही उसने ज्वेलरी को साफ कराकर अलमारी में संभालकर रखा था, फिर मुंबई चली गई थी। मां की हत्या की सूचना पर आई तो पता चला हत्यारे सारी ज्वेलरी और नकदी भी लूट ले गए हैं। अब हत्या का खुलासा तो हुआ है, लेकिन ज्वेलरी की बरामदगी नहीं हो सकी। ऐसे में कैसे मान लूं कि सही हत्यारा पकड़ा गया है। बेटी अपराजिता मुंबई के कॉलेज में इंटरनेशनल बिजिनेस का कोर्स कर रही है।

लूट का खुलासा नहीं कर सकी पुलिस
मृतका के पति राकेश कुमार गुप्ता ने लूटपाट और हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि बदमाश अलमारी में रखे 12 से 13 लाख रुपये और 15 से 20 लाख कीमत के जेवर लूट ले गए। एएसपी घनश्याम चौरसिया ने बताया कि गिरफ्तार किए गए पप्पू के पास से रुपये और जेवर नहीं मिले हैं।

अवैध संबंधों की बात नकारी
इस खुलासे में पुलिस ने अवैध संबंधों की बात से इंकार किया है, लेकिन बेडरूम में नौकर आरिफ और मालकिन रेनू गुप्ता के बीच जबरन गुत्थमगुत्था होने की बात कही है। पुलिस की माने तो आरिफ जबरदस्ती करने का प्रयास कर रहा था, जिसे देखकर पप्पू ने आरिफ को मौत के घाट उतार दिया।

आरिफ को छोड़ मालकिन का शव क्यों छिपाया
खुलासे में पुलिस काफी जल्दबाजी में दिखी, जिस तरह कहानी आगे बढ़ी उसी तरह कई सवाल उठते चले गए। बकौल पुलिस पप्पू ने मालकिन को बचाने के लिए आरिफ की हत्या कर दी, तो फिर मालकिन को क्यों मारा। इसके बाद आरिफ के शव को बेडरूम में ही पड़ा छोड़ दिया, लेकिन मालकिन के शव को आटे की बोरियों के नीचे छिपा दिया। इसके पीछे पप्पू की क्या मंशा रही होगी? यदि मालकिन को बचाया था, तो आरिफ के शव को ठिकाने लगाकर खुद भी बच सकता था और मालकिन का विश्वासपात्र बन जाता। पुलिस दोनों हत्याओं में सिर्फ पप्पू का हाथ होने की बात कह रही है, लेकिन कुछ और लोगों की संलिप्तता से इंकार भी नहीं कर रही। इसलिए एएसपी ने विवेचना जारी रखते हुए कुछ और खुलासे होने की बात कही है।

सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच करने और आरोपी की गुनाह कबूल करने के आधार पर खुलासा किया गया है। परिस्थितिजन्य, कॉल डिटेल और मौके पर मौजूद साक्ष्यों का आधार लिया गया है। घटना का सही वर्कआउट हुआ है। विवेचना अभी जारी है। अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
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पूनम, एसपी।
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