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शव पहुंचने पर घरों में मचा कोहराम

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मृतक का परिवार - फोटो : अमर उजाला
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बिजुआ/मझगई। मैलानी-भीरा रोड पर रविवार रात हुए भीषण हादसे में मारे गए पांच लोगों के शव सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद अलग-अलग गांव में लाए गए तो घरों में कोहराम मच गया। उधर, सोमवार की सुबह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे विधायक रोमी साहनी ने परिवार वालों से घटना की जानकारी ली और रोते बिलखते परिवार वालों को ढांढस बंधाया।
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भीरा इलाके के लालू टांडा गांव के बचान सिंह अपनी बेटी का तिलक लेकर खुशी खुशी रविवार की सुबह पूरनपुर के रुद्रपुर गांव गए थे। दो गाड़ियों में सवार लोगों में रिश्तेदारों के अलावा गांव के टॉवर पर काम करने वाला एक युवक भी था। वापसी में हादसे के वक्त गाड़ी में कुल सात लोग सवार थे, जिनमें से लालू टांडा निवासी बचान सिंह, बिरिया टांडा निवासी रूप सिंह, चूचा टांडा निवासी विनोद सिंह, लालू टांडा निवासी सुल्तान सिंह, पलिया के मझगईं निवासी आशीष मिश्र की मौत हो गई थी, जबकि युवराज सिंह और अनूप सिंह घायल हो गए थे। दोनों घायलों का लखनऊ में इलाज चल रहा है। हादसे की खबर जैसे ही गांव में पहुंची गांव में कोहराम मच गया। चीखपुकार सुनकर गांव के लोग बचान सिंह के घर की ओर दौड़ पड़े, जिसने हादसा सुना वह दंग रह गया। सोमवार को पोस्टमार्टम होने के बाद जब शव गांव पहुंचे तो घरों में कोहराम मच गया।

इंतजार था तिलकहारो
का आई मनहूस खबर
बिजुआ। लालू टांडा के बचान सिंह के घर में ढोलक की थाप पर महिलाएं कुछ गीत गुनगुना रहीं थीं। घर के आंगन में आग का ढेर सुलग रहा था। बाहर भी मेहमान वापस आने वालों का इंतजार कर रहे थे। आने जाने वाली गाड़ी को वह यह कहके कयास लगा रहे थे कि इतने कोहरे में वह देखो तिलकहारो लौट रहे हैं। गांव की भाषा में तिलक लेकर जाने वाले को तिलकहारो कहते हैं, लेकिन इस बीच फोन पर आई एक मनहूस खबर ने रात के सन्नाटे को चीखों में बदल दिया। एक गांव से दूसरे गांव और दूसरे गांव से तीसरे गांव तक चंद किलोमीटर दूर में एक ही परिवार के चार लोग एवं गांव के ही टॉवर पर काम करने वाले पांचवें शख्स की भी हादसे में जान जा चुकी थी।
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चार भाइयों में बड़े थे विनोद
चुराटांडा गांव के विनोद चार भाइयों में सबसे बड़े थे। घर की जिम्मेदारी पिता रामचंद्र के साथ विनोद बखूबी निभाते थे। मार्च 2017 में नई बोलेरो आई थी। परिवार को अगर कहीं आना जाना होता था तो उसी से जाते थे। रविवार को लालुटांडा के प्रीतम सिंह की बेटी के तिलक में घर से किसी एक को जाना था, विनोद वहां नहीं जाना चाह रहे थे। विनोद को बरेली दवा लेने जाना था, लेकिन रिश्तेदारी के चलते घरवालों ने कहा कि चले जाओ नहीं तो लोग कहेंगे की गाड़ी की वजह से मना कर रहे हैं। इसी के बाद वो तिलक के लिए निकल गए।

परिवार की बसर मजदूरी से करते थे रूप सिंह।
दो बेटियों में से अब तक एक बेटी की शादी हुई है। घर में दोनों बेटे भी मजदूरी करते हैं। तब जाकर गृहस्थी की गाड़ी चलती है। रूप सिंह अपने मामा बचान सिंह की बेटी के तिलक में गए थे, लेकिन बदकिस्मती से वो वापस नहीं आए। रात को उनकी मौत की खबर पहुंची। रूप सिंह की पत्नी रूपवती सुनकर बेहोश हो गई। बेटियों का रो रोकर बुरा हाल है।

शोक में बंद रहीं चौराहे की दुकानें
बरम बाबा चौराहे पर अच्छी खासी मार्केट है। रविवार को हादसे के बाद जब यह खबर लोगों तक पहुंची तो सोमवार की सुबह बरम बाबा चौराहा की अधिकांशतया दुकानें बंद रहीं। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ था।

आशीष की मौत से घरवालों पर टूटा दुखों का पहाड़
मझगईं। कस्बा निवासी हरिकेशन मिश्रा के पुत्रों में बड़े मीतू शिक्षामित्र हैं। छोटा बेटा 35 वर्षीय आशीष मिश्रा थाना भीरा के लालू टांडा में एक टॉवर पर नौकरी करता था। वहीं के निवासी एक दोस्त की बहन का तिलक चढ़ाने बोलेरो से पूरनपुर के गांव रुद्रपुर गए थे। सोमवार शाम पीएम होने के बाद आशीष का शव घर आने पर कोहराम मच गया। मृतक की अभी दो वर्ष पूर्व ही शादी हुई थी। करीब तीन माह का एक बच्चा भी है। माता पिता के साथ पत्नी का रो रोकर बुरा हाल हो रहा था।

ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज
मैलानी। रविवार की शाम भीरा रोड पर बोलेरो और ट्रक के बीच हुई भिड़ंत में पांच लोगों की मौत के मामले में ट्रक चालक के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। उधर, हादसे में ट्रक चालक भी घायल हुआ है। रविवार की शाम मैलानी नर्सरी के पास ट्रक और बोलेरो में आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई थी। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने मृतक बचान सिंह के पुत्र जसकरन की तहरीर पर ट्रक चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने ट्रक और बोलेरो को कब्जे में ले लिया है। उधर, ट्रक चालक के भी जख्मी होने का अनुमान है, क्योंकि चालक सीट पर खून के निशान मिले हैैं। हालांकि घटना के बाद चालक फरार है।

बीस मीटर पीछे घिसटकर गड्ढे में रुकी थी बोलेरो
मैलानी। दुर्घटना में टक्कर के बाद ट्रक बोलेरो को घसीटता हुआ करीब बीस मीटर पीछे तक ले गया। सड़क के नीचे एक गड्ढे में बोलेरो के फंसने के बाद ही ट्रक रुक सका। बोलेरो चालक विनोद सीट और स्टेयरिंग के बीच फंस गए। उसके शव को निकालने में करीब तीन घंटे लगे। पहले पुलिसकर्मियों ने एक ट्रॉला से ट्रक को निकालने की कोशिश की। विफल होने पर तीन ट्रैक्टरों को मौके पर बुलाकर तीनों को एक में जोड़कर ट्रक को बमुश्किल खींचा गया। फिर तीनों ट्रैक्टरों को एक साथ जोड़कर बोलेरो को खींचकर सड़क पर लाया गया। इसके बाद बोलेरो में एक ट्रैैक्टर ने आगे से और एक ने पीछे से जोर लगाया, तब जाकर बोलेरो का गेट खुल सका और फिर विनोद का शव बोलेरो से बाहर निकल सका।

मौके पर ही पड़े रहे शगुन के बताशे
मैैलानी। तिलक चढ़ाकर लौटते समय हुई दुर्घटना में बोलेरो में रखे शगुन आदि के बताशे वहीं मौके पर गिर गए, जोकि अगले दिन तक पड़े रहे।

आधे घंटे का घना कोहरा बना मौत का सबब
मैलानी। जिस वक्त यह दुर्घटना हुई, उस वक्त इतना घना कोहरा पड़ रहा था कि हाथ को हाथ नहीं सूझ रहा था। संभवत: घने कोहरे के चलते ही यह दिल दहलाने वाली घटना घट गई, जबकि आधे घंटे बाद ही कोहरा एकदम छंट गया और सड़क पर सब कुछ दूर तक एकदम साफ दिखने लगा। अधिकांश लोगों का कहना था कि शायद यह कोहरा ही बोलेरो सवारों की मौैत का सबब बनकर आया था।
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