लखीमपुर खीरी। क्षेत्र में बढ़ती चोरी, लूट, रंगदारी और अपहरण जैसी घटनाओं पर रोक लगाने में फेल हो रहे एसओ सिंगाही नर्वदेश्वर तिवारी पर आखिर गाज गिर गई। बृहस्पतिवार की रात एसपी ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया है। सदर कोतवाली में तैनात एसआई अजय मिश्रा पर भरोसा जताते हुए उन्हें सिंगाही का एसओ बनाया है।
एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने एक महीने पहले नर्वदेश्वर तिवारी को थाना सिंगाही की कमान सौंपी थी, लेकिन उनके चार्ज लेते ही क्षेत्र में आपराधिक घटनाएं बढ़ गईं थीं। करीब एक महीने के कार्यकाल में पांच डकैती की घटनाएं हुईं। ईंट भट्ठा स्वामी से दो लाख की रंगदारी का मामला भी सामने आया। इसके अलावा तीन दिन पहले गांव भैरमपुर निवासी छात्र आशीष का अपहरण हो गया। बदमाशों ने उसे छोड़ने की एवज में 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। छात्र की सकुशल बरामदगी के लिए एसपी ने एएसपी के साथ बेलरायां में डेरा डाला और तीसरे दिन छात्र की सकुशल बरामदगी कर ली थी। इसके अलावा क्षेत्र में हुई चोरी, डकैती की घटनाओं का पुलिस खुलासा भी नहीं कर सकी। छात्र के अपहरण और फिरौती की हुई घटना के बाद एसपी सख्त हो गए। एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने क्राइम कंट्रोल न कर पाने के कारण एसओ नर्वदेश्वर तिवारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। एसपी ने सदर कोतवाली में तौनात एसआई अजय मिश्रा को सिंगाही का नया एसओ बनाया है।
सिंगाही क्षेत्र में अपराध बढ़ रहा था। एसओ नर्वदतेश्वर तिवारी अंकुश नहीं लगा पा रहे थे। इस पर एसपी ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया है। सदर कोतवाली से एसआई अजय मिश्रा को सिंगाही एसओ पद पर भेजा गया है।
घनश्याम चौरसिया, एएसपी