महेवागंज। खाद व्यापारी की मौत से व्यापारी जगत स्तब्ध है। कर्ज के बोझ की ऐसी भी क्या मजबूरी की खुदकुशी का रास्ता चुनना पड़ गया। यह सवाल लोगों को हैरानी में डाल रहा है। फिलहाल, पुलिस की प्रारंभिक छानबीन में भी कर्ज के बोझ से व्यापारी के खुदकुशी कर लेने की बात सामने आई है।
शहर की सरदार नगर कॉलोनी निवासी व महेवागंज स्थित प्रतिष्ठित फर्म दशमेश फर्टिलाइजर के मालिक 42 वर्षीय परमिंदर सिंह ने शनिवार दोपहर घर में अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के वक्त घर पर कोई मौजूद नहीं था। पत्नी निशा टीचर हैं। वह उस वक्त स्कूल में थी। छोटी बेटी ट्विंकल भी पढ़ने गई थी। पड़ोस के दूसरे मकान में बुजुर्ग मां अपनी छोटी बहू के साथ थीं। बताते हैं पड़ोसियों से उन्हें फायरिंग होने की खबर लगी।
परिवार वाले जब मौके पर पहुंचे तो परमिंदर का शव स्टोर रूम में पड़ा मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सिर में एक गोली लगने की बात सामने आई है। युवक की मौत से परिवार सदमे में है। वही परमिंदर के साथी व अन्य व्यापारी भी सकते में हैं।
करीबियों की मानें तो इधर कुछ समय से व्यापार में मंदी से उन पर लाखों का कर्ज हो चुका था। उधर, जानकार बताते हैं कि व्यापारी का भी ग्राहकों पर लाखों रुपये बकाया निकल रहे हैं। अपने मृदुल स्वभाव के चलते वह किसी ग्राहक पर दबाव नहीं डालते थे। सवाल है कि क्या उनके बकायेदार जल्द पैसे लौटाने का दबाव बना रहे थे या उधारी उन्हें मन ही मन परेशान कर रही थी, जिसको वह बर्दास्त नहीं कर सके और जान देने का फैसला कर लिया।
व्यापारी पर करोड़ों रुपए के कर्ज की बात कही जा रही है, जबकि उसका भी लोगों पर लाखों रुपया बकाया होने की बात पता लगी है। कर्ज से परेशान होकर उसने गोली मारकर सुसाइट कर लिया।
- अशोक कुमार पांडेय, शहर कोतवाल