धौरहरा (लखीमपुर खीरी)। डीएम के निर्देश पर अवैध शराब की धरपकड़ के लिए चले राजस्व, पुलिस और आबकारी अधिकारियों के अभियान में कस्बे की शराब की दुकानों का निरीक्षण किया गया। साथ ही कच्ची शराब के अड्डों पर छापेमारी कर करीब दस हजार लीटर लहन नष्ट कर ताजी बन रही करीब सौ लीटर कच्ची शराब बरामद की।
डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर एसडीएम आशीष कुमार मिश्रा, सीओ श्रेष्ठा ठाकुर, आबकारी निरीक्षक गिरीश कुमार ने संयुक्त रूप से कस्बे की बीयर शॉप, विदेशी मदिरा और ठेका देशी शराब की दुकानों पर सैंपलिंग कर बार कोड़ की जांच की। इसके अलावा रमियाबेहड़ गांव के उत्तर भगहर झील किनारे एसडीएम और सीओ की टीम ने छापेमारी की तो वहां कच्ची शराब बनती मिली। यहां दर्जनों जगहों पर शराब की भट्ठियां, पाइप, प्लाटिक केन, बाल्टी, सौ बड़े प्लाटिक बैग आदि बरामद हुए। जिसमें गुड़ का करीब दस हजार लीटर शराब बनाने के लिए रखा लहन मिला। जिसे नष्ट कराया। शराब बना रहे करीब दस लोग पुलिस की गाड़ियों को आता देख नदी में कूदकर फरार हो गए।
रमियाबेहड़ झील बनी अवैध शराब बनाने का अड्डा
धौरहरा। रमियाबेहड़ झील की रोहू मछली कभी राजधानी लखनऊ तक अपनी धाक जमाए थी। यहां बसने वाला बंगाली समुदाय इसी मछली के शिकार पर निर्भर रहता था। पिछले कुछ वर्षों से इस झील किनारे अवैध कच्ची शराब बनाने वालों ने अपना कब्जा जमा लिया है। इस झील के किनारे सैकड़ों जगहों पर कच्ची शराब की भट्ठयिां धधक रही हैं। जिसके गंदे पानी से मछलियां भी कम हो गई। एसडीएम आशीष मिश्रा ने बताया कि सरकारी शराब की दुकानों की सैंपलिंग की गई है। रमियाबेहड़ में दर्जनों जगहों पर शराब बनाने के उपकरणों सहित सौ लीटर कच्ची शराब करीब दस हजार लीटर लहन मिला है। आरोपी नदी मे कूदकर फरार हो गए।